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Katni : लीप ईयर- अब चौथे साल मना पाएंगे आज पैदा हुए बच्चे अपना जन्मदिन

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कटनी। खगोलीय और गणितीय गणना से 29 फरवरी का विशेष महत्व है। क्योंकि यह चार साल में एक बार आती है। इसका सबसे बड़ा असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति का जन्म दिन चार साल में एक बार मनाया जाता है। परिजनों को जन्मदिन मनाने के लिए 29 फरवरी का बेसब्री से इंतजार होता है। इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे का चार साल में एक बार जन्म दिन मनाया जाता है। जिले भर में 29 फरवरी को जन्म लेने वाले लोगों का चार साल से अपना या अपने परिजनों का जन्मदिन मनाने का इंतजार आज 29 फरवरी 2020 को खत्म हो जाएगा।
जहां एक ओर 29 फरवरी 2016 को जन्म लेने वाले बच्चों का आज 29 फरवरी 2020 को पहला जन्मदिन मनाया जाएगा। ऐसे बच्चों व उनके परिजनों में आज बहुत उत्साह भी देखा गया। वहीं आज 29 फरवरी 2020 को जन्म लेने वालों बच्चों को अब जन्मदिन मनाने चार साल मतलब 29 फरवरी 2024 तक इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा 29 फरवरी को विवाह रचाने वाले दंपत्ति अपनी वैवाहिक वर्षगांठ भी आज चार साल बाद मनाएंगे तो आज फेरे लेने वालों को वैवाहिक वर्षगांठ मनाने चार साल इंतजार करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि किसी भी साल को लीप ईयर होने के लिए इन दो कंडीशन को पूरा करना जरूरी होता है। पहला यह कि उस वर्ष विशेष को चार की संख्या से भाग दिया जा सकता है। जैसे 2000 को 4 से डिवाइड किया जा सकता है।

ऐसे बनती है 29 फरवरी
एक जानकारी में बताया जाता है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य का चक्कर लगाती है। एक पूरा चक्कर लगाने में इसे 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है। चूंकि ये 6 घंटे का अतिरिक्त समय दर्ज नहीं होता है इसलिए हर चार साल में एक दिन ज्यादा हो जाता है। 24 घंटे का एक दिन होता है। 6 घंटे प्रति वर्ष के हिसाब से चार साल में पूरा एक दिन बनता है। ऐसे में प्रत्येक चार साल बाद फरवरी के महीने में इस एक अतिरिक्त दिन को जोड़कर इसका संतुलन बनता है।

जीवन पर लीप ईयर का असर
जिन लोगों का जन्म 29 फरवरी को आता है वे अपना वास्तविक जन्मदिन 4 साल में ही एक बार मना पाते हैं। हालांकि सांकेतिक रूप से वे 28 फरवरी को अपना जन्मदिन मना लेते हैं लेकिन सरकारी कागजों में कानूनी दस्तावेजों में तो यह 29 फरवरी ही आधिकारिक तिथि के रूप में दर्ज होती है। मजे की बात यह है कि 29 फरवरी को जन्मे व्यक्ति को अपना वास्तविक 25वां जन्मदिन मनाने के लिए पूरे 100 साल का होना पड़ेगा।


देशी महीने के अनुसार भी मना सकते है बच्चों का जन्मदिन
वहीं शहर के जिला चिकित्सालय सहित निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के परिजनों ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति पर पूरा यकीन करते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही अंग्रेजी महीने के अनुसार आज 29 फरवरी है, मगर देसी महीने के अनुसार आज फाल्गुन महीने की पंचमी है, यानि कि पांच तारीख है। परिजनों ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार आज जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म दिन फाल्गुन महीने की पांच तारीख को मना सकते हैं।कटनी। खगोलीय और गणितीय गणना से 29 फरवरी का विशेष महत्व है। क्योंकि यह चार साल में एक बार आती है। इसका सबसे बड़ा असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति का जन्म दिन चार साल में एक बार मनाया जाता है। परिजनों को जन्मदिन मनाने के लिए 29 फरवरी का बेसब्री से इंतजार होता है। इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे का चार साल में एक बार जन्म दिन मनाया जाता है। जिले भर में 29 फरवरी को जन्म लेने वाले लोगों का चार साल से अपना या अपने परिजनों का जन्मदिन मनाने का इंतजार आज 29 फरवरी 2020 को खत्म हो जाएगा।


जहां एक ओर 29 फरवरी 2016 को जन्म लेने वाले बच्चों का आज 29 फरवरी 2020 को पहला जन्मदिन मनाया जाएगा। ऐसे बच्चों व उनके परिजनों में आज बहुत उत्साह भी देखा गया। वहीं आज 29 फरवरी 2020 को जन्म लेने वालों बच्चों को अब जन्मदिन मनाने चार साल मतलब 29 फरवरी 2024 तक इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा 29 फरवरी को विवाह रचाने वाले दंपत्ति अपनी वैवाहिक वर्षगांठ भी आज चार साल बाद मनाएंगे तो आज फेरे लेने वालों को वैवाहिक वर्षगांठ मनाने चार साल इंतजार करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि किसी भी साल को लीप ईयर होने के लिए इन दो कंडीशन को पूरा करना जरूरी होता है। पहला यह कि उस वर्ष विशेष को चार की संख्या से भाग दिया जा सकता है। जैसे 2000 को 4 से डिवाइड किया जा सकता है।
ऐसे बनती है 29 फरवरी
एक जानकारी में बताया जाता है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर सूर्य का चक्कर लगाती है। एक पूरा चक्कर लगाने में इसे 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है। चूंकि ये 6 घंटे का अतिरिक्त समय दर्ज नहीं होता है इसलिए हर चार साल में एक दिन ज्यादा हो जाता है। 24 घंटे का एक दिन होता है। 6 घंटे प्रति वर्ष के हिसाब से चार साल में पूरा एक दिन बनता है। ऐसे में प्रत्येक चार साल बाद फरवरी के महीने में इस एक अतिरिक्त दिन को जोड़कर इसका संतुलन बनता है।
जीवन पर लीप ईयर का असर
जिन लोगों का जन्म 29 फरवरी को आता है वे अपना वास्तविक जन्मदिन 4 साल में ही एक बार मना पाते हैं। हालांकि सांकेतिक रूप से वे 28 फरवरी को अपना जन्मदिन मना लेते हैं लेकिन सरकारी कागजों में कानूनी दस्तावेजों में तो यह 29 फरवरी ही आधिकारिक तिथि के रूप में दर्ज होती है। मजे की बात यह है कि 29 फरवरी को जन्मे व्यक्ति को अपना वास्तविक 25वां जन्मदिन मनाने के लिए पूरे 100 साल का होना पड़ेगा।
देशी महीने के अनुसार भी मना सकते है बच्चों का जन्मदिन
वहीं शहर के जिला चिकित्सालय सहित निजी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के परिजनों ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति पर पूरा यकीन करते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही अंग्रेजी महीने के अनुसार आज 29 फरवरी है, मगर देसी महीने के अनुसार आज फाल्गुन महीने की पंचमी है, यानि कि पांच तारीख है। परिजनों ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अनुसार आज जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म दिन फाल्गुन महीने की पांच तारीख को मना सकते हैं।

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