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Janamashatami 2023: सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण की विभिन्न स्वरूपों की जीवंत झांकियां रहेंगी आकर्षण का केन्द्र

Janamashatami 2023: सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण की विभिन्न स्वरूपों की जीवंत झांकियां रहेंगी आकर्षण का केन्द्र। शहर के प्रसिद्व मंदिर श्री सत्यनारायण मंदिर का निर्माण संवत 1975 में किया गया हैंं करीब 105 वर्ष पूर्व श्री केदारमल जी बजाज द्वारा अपने पोते शुभकरण जी के जन्म के उपलक्ष्य में पहले बालक की जन्मोत्सव की खुशी में पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर की स्थापना की गयी।

सत्यनारायण मंदिर में दर्शनार्थ उमडेगा जनसैलाब

मंदिर में भगवान विष्णु लक्ष्मी जी की दिव्य प्रतिमा हनुमान जी की मूर्ति, तालबा में भगवान भोलेनाथ की मूर्ति विधि विधान से स्थापित की गयी तथा कुंआ बावडी मंदिर का निर्माण कराया गया। बुर्जुगों की आस्था को बजाज परिवार द्वारा आज भी वहीं आस्था और परंपरागत तरीके से निर्वाधगति से पांचवी पीढी द्वारा संचालन किया जा रहा हैं।

6 सितम्बर को मनायेगी जायेगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी

1972 में मंदिर का जीर्णाेद्वार कराकर कायाकल्प किया गया। मंदिर के साथ तालाब और चबूतरे का निर्माण किया गया।1952 से स्व भगवती बजाज जी व बजाज परिवारों द्वारा तीन मुख्य धार्मिक आयोजनों की परंपरा का शुभारंभ किया गया। जिसमें जन्माष्टमी,शरदपूर्णिमा,अन्नकूट को बडा स्वरूप दिया गया।

 

यहां पहले दो दिनों तक झांकियों का प्रदर्शन किया जाता था वर्षाे पूर्व पर्यटक भी सत्यनारायण मंदिर में दर्शन के लिये आते थे। ब्राम्हण बालकों के लिये संस्कृत पाठशाला का संचालन किया जाता था स्व पं दयाराम शास्त्री द्वारा इसी पाठशाला से अध्ययन किया गया।

श्री सत्यनारायण मंदिर मेंं आकर्षण का केन्द्र रहेगी जीवंत झांकियां

श्री सत्यनारायण ट्रस्ट कमेटी द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर भव्य व दिव्य जीवंत झांकियों की मनमोहक प्रस्तुति की जायेगी। इस वर्ष दुर्लभ संयोग हैं कि 6 सितम्बर को कृष्णपक्ष रोहणी नक्षत्र दिन बुधवार 813 वर्षाे बाद आया हैं। भगवान श्रीकृष्ण का प्राकटय 6 सितम्बर की मध्यरात्रि 12 बजे धूमधाम से मनाया जायेगा। श्री सत्यनारायण मंदिर ट्रस्ट कमेटी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों जोरों से चल रही हैं।

 

भगवान श्रीकृष्ण मंदिर में चांदी के झूले में लड्डू गोपाल का आकर्षक झूला तैयार किया जा रहा हैं।कोलकता के कलाकारों द्वारा मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा हैं वहीं भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न स्वरूपों वाली झांकियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जायेगा। कोलकता के कलाकार तपनपाल बाबू,दास बाबू व इनके परिवार के सदस्यों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला,माखन चोरी,चीरहरण गोपियों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के झूले का दृश्य,कालिया दहन,शेषनाग पर भगवान श्रीकृष्ण,नौका बिहार, गजेन्द्र मोक्ष,झूला बिहार,कृष्ण सुदामा मिलाप ब्रहमांण दर्शन सहित बच्चों की मनमोहक झांकियों को बेहद खूबसूरती के साथ तैयार किया गया हैं।भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर सत्यनारायण मंदिर के आसपास मेला का आयोजन किया जायेगा। पुलिस प्रशासन नगर निगम द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्था की जा रही हैं।

 

बजाज परिवार की अपार आस्था का केन्द्र सत्यनारायण मंदिर

 

स्व भगवती बजाज के चाचा डुगरसी दास जी बजाज,स्व दुर्गा प्रसाद जी बजाज एवं भाई स्व रामअवतार जी बजाज, स्व रतनलाल जी बजाज स्व पन्ना लाल जी बजाज के पुत्र व पौत्र द्वारा भगवान श्री सत्यनारायण मंदिर के धार्मिक आयोजनों की परंपरा को पूरी आस्था के साथ निर्वहन किया जा रहा हैं।

 

स्व केदानमल जी बजाज के पुत्र सावंतराम शुभकरण पुत्र शुभकरण जी बजाज भगवती प्रसाद जी बजाज हरीश बजाज,विजय बजाज अजय बजाज, दुर्गाप्रसाद जी बजाज के पुत्र प्रहलाद बजाज प्रवीण बजाज स्व डुगरसी दास जी के पुत्र स्व सत्यनारायण जी बजाज के पुत्र प्रवीण बजाज पन्ना लाल जी के पुत्र मोती बजाज व बजाज परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा भगवान के धार्मिक आयोजनों में अपार श्रद्धा के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने प्रयास किये जाते है वहीं सत्यनारायण मंदिर मेंं छोटेलाल,दशरथ,फुल्ली बल्लू अथक परिश्रम से अपना अमूल्य सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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