जबलपुर: ई-बसों से बेहतर हुआ सफर, लेकिन बदहाल बस स्टॉप बने यात्रियों की परेशानी
जबलपुर: ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत जबलपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था सुधारने के लिए 45 अत्याधुनिक पीएम ई-बसों सहित कुल 55 नई बसों का संचालन शुरू किया गया है। इन बसों के आने से यात्रियों को आवागमन में सहूलियत तो मिली है, लेकिन बस स्टैंडों की बदहाली के कारण उनकी मुश्किलें अब भी पूरी तरह कम नहीं हो सकी हैं।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित करीब 200 बस स्टॉप इस समय देखरेख के अभाव, गंदगी, अतिक्रमण और भारी अव्यवस्थाओं की चपेट में हैं।जबलपुर: ई-बसों से बेहतर हुआ सफर, लेकिन बदहाल बस स्टॉप बने यात्रियों की परेशानी
प्रमुख मार्गों के बस स्टॉप्स का हाल बेहाल
शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य इलाकों में बने बस शेड देखरेख न होने से बदहाल पड़े हैं:
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: घमापुर, रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट, बल्देवबाग और नौदरा ब्रिज जैसे मुख्य मार्गों पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है।
अतिक्रमण और गंदगी: बस स्टॉप्स के आसपास रेहड़ी-पटरी वालों का अतिक्रमण है या फिर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
सड़क पर इंतजार करने को मजबूर यात्री: बस शेड के अंदर बैठने की उचित व्यवस्था और साफ-सफाई न होने के कारण यात्रियों को कड़कड़ाती धूप और बारिश के बीच सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
बेहतर बसों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की दरकार
स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि शहर में आधुनिक ई-बसों का संचालन एक बेहद सराहनीय कदम है, लेकिन जब तक बस स्टॉप्स की स्थिति में सुधार नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों को सुगम परिवहन का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
नगर निगम और संबंधित प्रशासन से यात्रियों ने मांग की है कि:
बस स्टॉप्स से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए।
नियमित साफ-सफाई और बैठने के लिए बेंचों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बस शेडों का जीर्णोद्धार किया जाए।





















