जबलपुर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने अपने कृषि, इंजीनियरिंग और हार्टिकल्चर सहित इन सभी पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाई, देखें स्लॉट
जबलपुर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने अपने सभी कृषि, इंजीनियरिंग और हार्टिकल्चर सहित इन सभी पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाई

जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने अपने सभी कृषि, इंजीनियरिंग और हार्टिकल्चर सहित इन सभी पाठ्यक्रम की फीस बढ़ाई गई। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने अपने सभी कृषि, इंजीनियरिंग और हार्टिकल्चर पाठ्यक्रम में फीस वृद्धि कर दी है। इसमें कृषि स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों की बढ़ी फीस का भुगतान करना होगा। विवि प्रशासन ने फीस वृद्धि से जुड़ा निर्णय 2019 में अपनी बोर्ड बैठक में लिया था।
इस निर्णय में हर साल सभी कृषि पाठ्यक्रमों की फीस में 10 प्रतिशत का इजाफा किया जाना था, लेकिन कोरोना काल के दौरान फीस में इजाफा नहीं किया गया। इसके बाद पहली दफा 2021-22 से 2024-25 के दौरान तीन बार फीस में हर साल 10 फीसदी तक की वृद्धि की गई।
फीस वृद्धि का असर जबलपुर से लेकर छिंदवाड़ा, बालाघाट, गंजबासौदा, सीहोर, रीवा और वारासिवनी के कृषि, हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर होगा। वर्तमान में विवि अंतर्गत महाविद्यालयों में लगभग तीन हजार से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हर साल स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी में लगभग एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं, जिस पर फीस का बोझ बढ़ेगी।
लगातार तीन बार बढ़ी फीस, हर साल बढ़ेगी
कृषि विवि में ज्यादा ऐसे छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। उनके लिए बढ़ी फीस का भुगतान करना मुश्किल होता है, लेकिन अब जब विवि ने फीस में इजाफा कर दिया है तो इनकी मुश्किलें फिर बढ़ेंगी। जबकि कृषि विवि प्रशासन का कहना है कि विवि के सभी पाठ्यक्रमों की फीस, देश के अन्य कृषि विवियों से कम है, लेकिन अन्य विवि में लगातार फीस में इजाफा किया जा रहा है और 2019 से पूर्व विवि में लगभग 10 साल तक फीस में इजाफा नहीं किया गया।
इधर विवि पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण था। 2021 से अभी तक तीन बार फीस में इजाफा कर दिया है और अब हर साल 10 फीसदी तक फीस में इजाफा किए जाने का निर्णय लिया है। यानि आने वाले कुछ साल में ही फीस दो गुनी तक हो जाएगा।
निजी काॅलेजों में शुरू प्रवेश, बढ़ेंगी मुश्किलें
विवि में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड की परीक्षा में सफल होना अनिवार्य है। इसमें अच्छी रैंक पाने वाले ही जनेकृविवि के महाविद्यालयों में प्रवेश ले सकते हैं, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में निजी कृषि महाविद्यालय के साथ निजी और पारंपरिक विश्वविद्यालयों में कृषि पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है।
कई निजी विवि और महाविद्यालयों को कृषि पाठ्यक्रम संचालित करने की भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने अधिमान्यता दे दी है वहीं इनमें प्रवेश के लिए प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड की बाध्यता भी नहीं हैं। ऐसे में जनेकृविवि के शासकीय कृषि और इंजीनियरिंग काॅलेज में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी आएगी, वहीं फीस वृद्धि का भी इस पर असर होगा।
एक नजर में फीस
एमएससी- फ्री सीट- 25500, पैमेंट सीट-43300 रुपए प्रति वर्ष
एमटेक- फ्री सीट-31400, पैमेंट सीट-55285 रुपए प्रति वर्ष
पीएचडी- फ्री सीट- 33800, पैमेंट सीट-55200 रुपए प्रति वर्ष








