Israel Gaza War: गाजा पट्टी में अस्पताल पर सबसे घातक हवाई हमले से 500 लोगों की मौत, इस्राइल ने हमास को ठहराया जिम्मेदार

Israel Gaza War: गाजा पट्टी में अस्पताल पर सबसे घातक हवाई हमले से 500 लोगों की मौत हो गई, इस्राइल ने हमास को जिम्मेदार ठहराया । इस्राइल-हमास युद्ध के बीच मंगलवार को गाजा पट्टी में अल-अहली अरब अस्पताल पर इस्राइली सेना ने कथित तौर पर बमबारी की। इसमें कम से कम 500 लोगों की मौत हुई है। गाजा में सत्तारूढ़ हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है। प्रवक्ता ने कहा कि अस्पताल की ध्वस्त इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हालांकि, इस्राइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने अस्पताल पर बमबारी करने से इनकार किया है और अस्पताल में विस्फोट के लिए हमास के असफल रॉकेट लॉन्च को जिम्मेदार ठहराया है।
अब तक का सबसे घातक इस्राइली हवाई हमला
फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अगर इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो यह हमला 2008 के बाद से लड़े गए पांच युद्धों में अब तक का सबसे घातक इस्राइली हवाई हमला होगा। बता दें, गाजा शहर के कई अस्पताल सैकड़ों लोगों के लिए शरणस्थल बन गए हैं, उन्हें उम्मीद है कि इस्राइल द्वारा शहर और आसपास के इलाकों के सभी निवासियों को दक्षिणी गाजा पट्टी में खाली करने के आदेश के बाद उन्हें बमबारी से बचाया जाएगा।
गाजा के बर्बर आतंकवादियों ने ही गाजा के अस्पताल पर हमला किया
मीडिया रिपोर्ट में के अनुसार, इस्राइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) की शुरुआती जांच में पता चलता है कि गाजा के अस्पताल में विस्फोट हमास के असफल रॉकेट लॉन्च के कारण हुआ। वहीं, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पूरी दुनिया को यह पता होना चाहिए कि गाजा के बर्बर आतंकवादियों ने ही गाजा के अस्पताल पर हमला किया है, आईडीएफ का इसमें कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बेरहमी से हत्या की, उन्होंने अपने बच्चों की भी हत्या कर दी।
इससे पहले, इस्राइली सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा था कि अस्पताल में हुई मौतों पर अभी भी कोई विवरण नहीं है। उन्होंने कहा, हम विवरण प्राप्त करेंगे और जनता को अपडेट करेंगे। मैं इसकी पुष्टि नहीं सकता कि यह इस्राइली हवाई हमला था या नहीं।
डब्ल्यूएचओ ने की गाजा में अस्पताल पर हमले की निंदा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने गाजा में अल-अहली अरब अस्पताल पर हुए इस्राइली के हवाई हमले की निंदा की है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, डब्ल्यूएचओ उत्तरी गाजा में अल अहली अरब अस्पताल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता है। प्रारंभिक रिपोर्ट में सैकड़ों मौतें होने की बात कही गई है। हम नागरिकों की तत्काल सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की मांग करते हैं।
मिस्र ने गाजा अस्पताल पर इस्राइल के हमले की निंदा की
मिस्र ने गाजा में अल-अहली अरब अस्पताल पर इस्राइली सेना के हमले की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खतरनाक उल्लंघन बताया है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि शरणार्थी शिवरों पर जानबूझकर किया गया यह हमला बुनियादी मानवीय मूल्यों का उल्लंघन है।
इस बीच, फलस्तीन में शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि गाजा के अल-मगाजी शरणार्थी शिविर में उसकी तरफ से संचालिक एक स्कूल पर हुए इस्राइली हवाई हमले में छह लोग मारे गए हैं।
स्कूल पर इस्राइल के हमले पर संयुक्त राष्ट्र ने दुख जताया
इस्राइली सेना ने मंगलवार को हजारों युद्ध विस्थापितों वाले संयुक्त राष्ट्र संचालित स्कूल पर भी हमला किया। जिसमें कई लोग मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी के अधिकारी तमारा अल-रिफाई का कहना है कि सुविधा केंद्र और क्षेत्र के एक अन्य शरणार्थी केंद्र पर इस्राइली सेना ने गोलीबारी की। अल-रिफाई ने कहा कि इसे घातक हमले को बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले शरणार्थी शिविरों पर हमला, जहां लोग संयुक्त राष्ट्र के स्कूलों और परिसरों में शरण लिए हुए हैं, पूरी तरह से चौंकाने वाली बात है। यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि जिस स्कूल पर हमला किया गया, उसमें 4,000 विस्थापित लोग थे। उन्होंने कहा, हम शरणार्थी शिविरों से जुड़ी इमारतों की स्पष्ट रूप से पहचान करते हैं और युद्ध में शामिल दोनों पक्षों के साथ जीपीएस साझा करते हैं।
दक्षिण गाजा में, लगातार हमलों में दर्जनों नागरिक मारे गए और मंगलवार को हमास के कम से कम एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि ये हमले आतंकवादियों को निशाना बनाकर किए गए हैं।
पिछले हफ्ते हमास के क्रूर हमले के बाद से इस्राइल ने गाजा में पानी, ईंधन और भोजन की उपलब्ध करवाने पर रोक लगा दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क्षेत्र के 2.3 मिलियन लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए एक तंत्र के निर्माण पर चर्चा करने के लिए इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक समझौता किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि लाभ मामूली लग सकता है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है फिर भी, मंगलवार देर रात तक कोई सौदा नहीं हुआ।
अमेरिका में सहायता समूह के प्रमुख ने की हमले की निंदा
इधर, अमेरिका स्थित मेडग्लोबल मानवतावादी संगठन के अध्यक्ष जहीर सहलौल ने अल-अहली अरब अस्पताल पर बड़े पैमाने पर हुए इस्राइली हमले को ” 21 वीं सदी का सबसे खराब हमला” बताया है।
साहलौल ने कहा कि अस्पतालों पर बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। यह एक युद्ध अपराध है। यह चिकित्सा तटस्थता और 150 साल पुराने जिनेवा कन्वेंशन को कमजोर करता है और एक संकटग्रस्त स्थानीय फलस्तीनी समुदाय को स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच से वंचित करता है।
बाइडन ने जताया शोक
मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मैं अस्पताल पर हुए हमले से बेहद दुखी हूं। हमले से लोगों को भयानक क्षति हुई है। हमले की जानकारी मिलते ही मैंने जॉर्डन के राजा और इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात की। मैंने मेरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को निर्देश दिए कि पता लगाएं वास्तव में क्या हुआ था और इस बारे में जानकारी एकत्रित करें। अमेरिका इस संकट की घड़ी में नागरिकों की सुरक्षा के लिए खड़ा है। मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों सहित अन्य लोगों की मौत पर शोक व्यक्त करते हैं।








