दिव्यागों को डराने और धमकाने पर होगी तुरंत जेल,विधेयक 2016का प्रावधान सख़्ती से लागू कराने चलेगा विशेष अभियान विकलांग बल की बैठक सम्पन्

दिव्यागों को डराने और धमकाने पर होगी तुरंत जेल,विधेयक 2016का प्रावधान सख़्ती से लागू कराने चलेगा विशेष अभियान विकलांग बल की बैठक सम्पन
कटनी /गत दिवस बहुउद्देशीय मध्यप्रदेश विकलांग बल की महत्वपूर्ण बैठक एन.के.जे.स्थित स्थानीय असोसियेशन मुख्यालय पर आयोजित हुई. जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण और उनके बेहतरी के लिये शासन पर दबाब बना कर उनकी ज्वलंत मांगो के निराकरण हेतु सभी से गंभीर होकर आवाज बुलंद करने की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई गयी . असोसिऐशन के प्रांतीय संरक्षक कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत की अध्यक्षता में सपन्न हुई, बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों को हर माह600रूपये मिलने वाली पेंशन में अन्य प्रदेशों की तरह आपेक्षित बढो त्तरी कराने हेतु सरकार को जबरजस्त तरीके से घेरने की आम सहमति बनी. दिव्यांग कर्मचारीयों को पंचायत और समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा हर माह 350 रूपये दिये जाने वाले वाहन भत्ता को बैठक में उपस्थित दिव्यांग सदस्यों ने हास्यापद बताते हुए, इसे दिव्यांग केंद्रीय कर्मचारियों के समतुल्य किये जाने हेतु प्रदेश शासन को ज्ञापन सौंप कर अपनी बात राजधानी तक पहुँचाने हेतु तात्कालिक रणनीति बनाई गयी.बैठक में दिव्यांग व्यक्तियों के हितार्थ सांसद में पारित क़ानून 2016के क्रियान्वयन को जोर पकड़वाने हेतु उसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर कार्य करने की जरूरत पर भी गंभीर मंत्रणा की गयी.बैठक में दिव्यांग विधेयक 2016की धारा 92/93 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दिव्यांग व्यक्ति को अपमानित करता है, उसके साथ गली गलौज करता है, अपमान जनक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे धक्का देता है,तथा उसके मज़बूरी का नायजायज फायदा उठाते हुए उसे मारता पीटताऔर धमकाता है,
तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को छः माह से लेकर पांच वर्ष तक की कड़ी सजा और गैर जमानती जेल जाने के क़ानून का सख़्ती से हर थाना, कचहरी, और अदालत में उचित क्रियान्वयन की दिशा में ईमानदारी से प्रयास करने की जरूरत पर भी गंभीर चिंतन मंथन किया गया. इस दिशा में उच्च न्यायलय के गाइड लाइन के अनुसार विधेयक की धाराओं को प्रचारित प्रसारित करने थाना प्रभारियों का नये शिरे से प्रशिक्ष ण आयोजित कराने हेतु केंद्रीय गृह मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने पर सहमति व्यक्त की गयी.प्राइवेट बसों और ट्रेनो में यात्रा के दौरान दिव्यांग व्यक्ति को होने वाली परेशानीयों का जिक्र करते हुए, दिव्यांगों ने बताया कि प्राइवेट बसों में आधे किराया पर यात्रा सुविधा का लाभ दिव्यांग व्यक्तियों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिये जाने के बाद भी कतिपय बस मालिकों और उनके परिचालकों द्वारा मनमानी करते हुए यह लाभ न दिये जाने से अनेकों अनेक दिव्यांग व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं, अतःइस बात की सूचना प्रत्येक बसों में आर.टी.ओ. द्वारा लेखबद्ध कराये जाने हेतु परिवहन अधिकारिओं से मिलकर समस्या समाधान का रास्ता निकालने पर भी सहमति बनी . ट्रेनों में दिव्यांग कोच में सामान्य लोगों द्वारा किये जाने वाले अतिक्रमण को निर्मूल करने हेतु प्रत्येक स्टेशन पर रेलगाड़ी खड़ी होने के तुरंत बाद चेकिंग अभियान चलाकर स्वस्थ और भागमभाग करने में सक्षम लोगों से दिव्यांग वोगी को खाली करवाने हेतु एक अभियान के तहत गैर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर दण्डित कराने पर भी बैठक में चर्चा हुई. इस अवसर पर दिव्यांग संघ से जुड़े प्रतिनिधियों में कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत सहित संजय श्रीवास्तव, रामकुमार पटेल, जितेंद्र दुबे, जयप्रकाश हल्दकार, कमलकान्त जायसवाल, ब्रम्हानंद दुबे, जम्मन प्रसाद लोधी, लक्ष्मीदास खातरकर, रामखिलावन गौड़, रमेश साहू की उपस्थिति उल्लेखनीय रही.








