त्यौहारों से ठीक पहले बेकाबू हुई महंगाई-शक्कर 25% तक महंगी; दाल, तेल और बेसन के दाम बढ़ने से बिगड़ा रसोई का बजट
चीनी और बेसन के रेट में भारी उछाल, हलवाइयों ने दिए संकेत — इस बार त्यौहारों में महंगी मिलेंगी मिठाइयां
त्यौहारों से ठीक पहले बेकाबू हुई महंगाई-शक्कर 25% तक महंगी; दाल, तेल और बेसन के दाम बढ़ने से बिगड़ा रसोई का बजट
भोपाल/इंदौर:आगामी त्यौहारों के सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है. रसोई की बुनियादी चीजों से लेकर मिठाइयों और स्नैक्स में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों के दामों में अचानक बड़ा उछाल आया है. इसका सीधा और प्रतिकूल असर आम मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट और रोज़मर्रा की भोजन की थाली पर पड़ रहा है.
शक्कर की कीमतों में 25% का बड़ा उछाल; क्यों महंगी हो रही चीनी?
पिछले एक महीने के दौरान शक्कर की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बाज़ार के जानकारों और आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी के दाम अचानक बढ़ने के पीछे 3 मुख्य कारण हैं:
कम कैरीओवर स्टॉक: पिछले साल की तुलना में इस बार खुले बाज़ार में उपलब्ध शक्कर का स्टॉक कम है, जबकि त्यौहारों की वजह से मांग लगातार बनी हुई है.
इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति: सरकार की इथेनॉल नीति के तहत गन्ने के रस और शीरे का एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में डाइवर्ट किया जा रहा है.
सप्लाई चेन पर दबाव: मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ने से चीनी मिलों से लेकर थोक बाज़ार तक कीमतें चढ़ गई हैं.
दाल, तेल और मैदे के दाम भी चढ़े; महंगी हो सकती हैं मिठाइयां
केवल शक्कर ही नहीं, बल्कि रसोई की लगभग हर अनिवार्य वस्तु के दाम ऊपर गए हैं:
दालें: तुवर (अरहर) और चने की दाल के दाम आसमान छू रहे हैं.
प्रोसेस्ड आइटम्स: चने की दाल महंगी होने का सीधा असर बेसन पर पड़ा है, जिससे नाश्ते और मिठाइयों की लागत बढ़ गई है.
खाद्य तेल व आटा-मैदा: सोयाबीन तेल, रिफाइंड ऑयल, चावल और मैदे की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है.
व्यापारियों और हलवाइयों का कहना है कि यदि कच्चे माल (शक्कर, बेसन, तेल-घी) की यही कीमतें बनी रहीं, तो आगामी रक्षाबंधन, गणेशोत्सव और दिवाली के दौरान मिठाइयों और नमकीन के दामों में 10 से 15% की बढ़ोतरी होना तय है.