Saturday, May 16, 2026
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Indian Railway Start New Business With Swiggy: आईआरसीटीसी ने स्विगी को दि‍या फूड डिलीवरी का ठेका, इन चार स्‍टेशनों पर शुरू होगी सप्‍लाई

Indian Railway Start New Business With Swiggy: आईआरसीटीसी ने स्विगी को दि‍या फूड डिलीवरी का ठेका, इन चार स्‍टेशनों पर सप्‍लाई शुरू होगी। सरकारी रेलवे कंपनी IRCTC और स्विगी फूड्स की पेरेंट कंपनी M/s Bundl टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के बीच प्री-ऑर्डर मील की सप्लाई, डिलीवरी के लिए करार हुआ है।

प्वाइंट ऑफ कॉन्सेप्ट

ये फूड डिलीवरी शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘आईआरसीटीसी ने पहले चरण में चार रेलवे स्टेशनों पर प्वाइंट ऑफ कॉन्सेप्ट (POC) के तौर पर आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग पोर्टल के जरिए प्री-ऑर्डर किए गए खाने की सप्लाई और डिलीवरी के लिए मेसर्स बंडल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (स्विगी फूड्स) के साथ समझौता किया है

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म

रेलवे PSU इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने फूड डिलीवरी के लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी फूड के साथ करार किया है. रेलवे पीएसयू ने शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी है. शुरुआती चरण में फिलहाल चार स्टेशनों पर इसकी डिलीवरी की जाएगी. गुरुवार को बाजार बंद होने तक आईआरसीटीसी का शेयर 1.32 फीसदी के उछाल के साथ 938.00 रुपए पर बंद हुआ है.

गुणवत्ता, स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ समझौता

ये चार स्टेशन बेंगलुरु, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम हैं. फुड डिलीवरी की सुविधा जल्द ही शुरू हो जाएगी.’ संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने हाल में लोकसभा में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रेलवे खानपान नीति में बार-बार बदलाव और मौजूदा नीति के क्रियान्वयन में अनेक विसंगतियों के कारण खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और साफ-सफाई के साथ समझौता हो रहा है. 2017 की खानपान नीति का अध्ययन करते हुए कई विसंगतियां सामने आईं. इनमें लंबी दूरी की ट्रेनों में पैंट्री का कोई प्रावधान नहीं होना, रेलवे परिसर के बाहर बेस किचन स्थित होना शामिल हैं.

लोक लेखा समिति के अनुसार परिणामस्वरूप भोजन की गुणवत्ता,स्वच्छता और साफ-सफाई से समझौता होता है, प्लेटफार्मों पर और ट्रेनों में अनधिकृत विक्रेता होते हैं और स्टेशनों तथा ट्रेनों में अनुचित व्यवहार होता है. आईआरसीटीसी की बात करें तो रेलवे पीएसयू का शेयर एक साल में 55.74 फीसदी का रिटर्न दे चुका है

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम