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Independence Day Live: प्रधानमंत्री मोदी का 78वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन: विकास, महिला सशक्तिकरण, और देश की सुरक्षा पर बल

Independence Day Live: प्रधानमंत्री मोदी का 78वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन: विकास, महिला सशक्तिकरण, और देश की सुरक्षा पर बल

78th Independence Day, 15th August Celebration Live Updates: स्वतंत्रता दिवस पर इस बार 11 श्रेणियों के तहत 18 हजार मेहमान आकर्षण का केंद्र हैं। खास बात यह है कि इनमें से 6 हजार खास मेहमान महिला, किसान, युवा और गरीब वर्ग के हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से देश को विकास का संदेश दे रहे हैं और उन्होंने 2047 तक देश को विकसित बनाने लिए अपना विजन जनता के सामने रखा।

मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि निवेशकों को अपने राज्यों में बुलाएं। इसके लिए कानून व्यवस्था बेहतर बनाएं और अन्य नीतियों में सुधार करें, जिससे निवेशक आएं। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। सिर्फ भारत सरकार से काम होता नहीं है। राज्य सरकारों को आगे आना होगा।

साथियों भारत अपनी बेस्ट क्वालिटी के लिए जाना जाएगा। इसके लिए हमने डिजाइनिंग इंडिया पर बल देना है। हमें कोशिश करनी है कि अब इंडियन स्टैंडर्ड, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बनेंगे, ये हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डिजाइनिंग इंडिया और डिजाइनिंग फॉर वर्ल्ड पर हमारा फोकस होना चाहिए। गेमिंग की दुनिया आज तेजी से उभर रही है। हम गेमिंग की दुनिया में नया टैलेंट लेकर आ सकते हैं। मैं चाहता हूं कि भारत के बच्चे, भारत के नौजवान, आईटी, एआई प्रोफेशनल्स गेमिंग की दुनिया में अपना नाम करें और गेम विकसित करें।

हमने रिन्यूबल एनर्जी का विस्तार किया है। आने वाले कुछ वर्षों में हम नेट जीरो भविष्य की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। जो जी20 देश नहीं कर पाए, वो मेरे देशवासियों ने करके दिखाया है। पर्यावरण के लिए जो नेट जीरो के लक्ष्य तय किए गए थे, उन्हें पूरा करने वाला सिर्फ भारत है। 500 गीगावाट सोलर ऊर्जा को हम पाकर रहेंगे। हमने 2030 तक हमारे रेलवे को नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन लेकर हम चल रहे हैं। बहुत तेजी से नीतियां बनाई जा रही हैं। आज भारत ग्रीन हाइड्रोजन की दिशा में जाना जाता है। इस क्षेत्र में ग्रीन जॉब्स की बहुत संभावनाएं हैं।

मेरे प्यारे देशवासियों, इस तिरंगे के झंडे के नीचे जो खिलाड़ी बैठे हैं, जिन्होंने ओलंपिक में देश का परचम लहराया है। मैं देशवासियों की तरफ से इन खिलाड़ियों को बधाई देता हूं। आने वाले कुछ दिनों में भारत का बड़ा दल पैरालंपिक के लिए जाएगा। मैं उन्हें बधाई देता हूं।

हमारे देश के प्रति गौरव का भाव कम था। आज हमारे देश के खिलौने दुनिया भर में जगह बना रहे हैं। पहले हम मोबाइल फोन आयात करते थे। आज मोबाइल फोन हम दुनिया में निर्यात करते हैं। यह भारत की ताकत है। भविष्य के साथ सेमीकंडक्टर, एआई जुड़ा है। हमने सेमीकंडक्टर की दिशा में काम किया है। अब सेमीकंडक्टर का उत्पादन भी भारत में होगा।

पहले टू जी के लिए कैसा संघर्ष करते थे। आज 5 जी जिस तेजी से पहुंच रहा है। हम रुकने वाले नहीं हैं। हम 6जी पर भी मिशन मोड में काम कर रहे हैं। हम उसमें भी अपनी धाक जमाएंगे। डिफेंस सेक्टर में भी हमारा फोकस है। आज हम देश में ही रक्षा उत्पादन कर रहे हैं। डिफेंस सेक्टर में हम आत्मनिर्भर होते जा रहे हैं। दुनियाभर में भारत की डिफेंस सेक्टर में पहचान बनी है। हम डिफेंस में मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहे हैं।

देशवासियों विकसित भारत 2047 स्वस्थ भारत भी होना चाहिए। इसके लिए बच्चों के लिए पोषण पर भी ध्यान देना चाहिए। हमने राष्ट्रीय पोषण मिशन शुरू किया है। देशवासियों, हमारी कृषि व्यवस्था को बदलना जरूरी है। हम सदियों से जिस सोच से जकड़े हुए हैं, उससे मुक्ति पानी होगी। हम किसानों को मदद भी दे रहे हैं। आज तकनीक की मदद दे रहे हैं। मार्केटिंग में मदद कर रहे हैं। उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। आज जब धरती माता के प्रति सारा विश्व चिंतित है। जैसे उर्वरकों की वजह से धरती माता की सेहत लगातार बिगड़ रही है। मैं उन किसानों को बधाई देता हूं जिन्होंने प्राकृतिक खेती की राह पकड़ी है। इसके लिए हम बजट में भी प्रावधान कर रहे हैं। आज विश्व के लिए आर्गेनिक फूड के लिए कोई फूड बास्केट बन सकता है तो वो मेरे देश का किसान बना सकता है। हम इस सपने को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों का जीवन आसान बने गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी मिले। गांव में स्मार्ट स्कूल बने। सड़कों का जाल बिछे। नौजवानों को स्किल मिले। इसका प्रयास हम कर रहे हैं।

इतने वर्षों में हमने महिला केंद्रित विकास पर काम किया है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं के कदम बढ़ रहे हैं। आज महिलाएं नेतृत्व भी दे रही हैं। हमारी एयरफोर्स, आर्मी, नेवी या स्पेस सेक्टर हर क्षेत्र में महिलाएं शानदार काम कर रही हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों से चिंता की बातें भी आ रही हैं। हमें समाज के तौर पर गंभीरता से सोचना पड़ेगा कि महिलाओँ के प्रति अत्याचार बंद होना चाहिए। इसे लेकर एक आक्रोश है मैं इसे महसूस कर रहा हूं। महिलाओँ के विरुद्ध अपराधों की जल्द से जल्द जांच हो। राक्षसी प्रवृत्ति करने वालों को जल्द कड़ी सजा मिले। मैं ये भी बताना चाहूंगा कि जब बलात्कार की घटनाएं होती हैं तो उसकी बहुत चर्चा होती है तो वो मीडिया में छाया रहता है। लेकिन जब अपराधियों को सजा होती हो तो उसकी खबरें प्रमुखता से नहीं छपती। इसे बदलना चाहिए। अपराधियों में डर पैदा करना जरूरी है।

देशवासियों, जिस तरह से विश्व का बदलाव नजर आ रहा है। अब स्किल का महत्व बढ़ गया है इसलिए हम स्किल डेवलेपमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। बाजार में युवाओं की ताकत दिखाई दे तो उस लिहाज से हम देश के युवाओं को स्किल्ड बनाना चाहते हैं। देश का युवा ग्लोबल जॉब मार्केट में अपनी धमक बनाए। हम उस सपने को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया जिस तेजी से बढ़ रहा है तो हमें विज्ञान पर ध्यान देना चाहिए। हम रिसर्च पर फोकस कर रहे हैं। रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया गया है। जिससे नए अविष्कार हो। आज देश के युवा मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जा रहे हैं। इसलिए हमने पिछले दस साल में मेडिकल सीटों को एक लाख कर दिया है। करीब 25 हजार युवा मेडिकल एजुकेशन के लिए विदेश जा रहे हैं। इसलिए हमने तय किया है कि अगले पांच साल में मेडिकल लाइन में 75 हजार नई सीटें बनाई जाएंगी।

ममभाव हमारे काम की शैली है। ममभाव भी चाहिए और समभाव भी। मैं जब कोरोना को याद करता हूं तो कोरोना महामारी के बीच सबसे तेजी से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाला देश है तो वो भारत है। आज पूरा देश तिरंगा है, हर घर तिरंगा है। न कोई जात है न कोई ऊंच है न कोई नीच है। जब हम 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालते हैं। हमने गति को बनाए रखा है। जब राज्य स्पर्धा करने लगे हैं तो हमें लगता है कि हमारी दिशा सही है। जब संवेदनशीलता से काम करते हैं तो बहुत संतोष मिलता है।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘जब लालकिले से कहा जाता है कि बिजली समयसीमा में पहुंचाएंगे, तो हिंदुस्तान सो जाता है। जब ढाई करोड़ घरों में बिजली पहुंच जाती है तो सामान्य मानवी का भरोसा बढ़ जाता है। परिवार के अंदर स्वच्छता का वातावरण बन जाए, भारत में आई नई चेतना का प्रतीक हैं। तीन करोड़ परिवार ऐसे हैं जिन्हें नल से जल मिलता है। जल जीवन मिशन के तहत कम समय में 18 करोड़ परिवारों तक पानी पहुंच रहा है। दलित, पीड़ित, आदिवासी, गरीब भाई-बहन इन चीजों के अभाव में जी रहे थे। हमने प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करने का जो प्रयास किया, परिणाम मिला है। लोकल फॉर वोकल का मंत्र दिया, आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का माहौल बना है। भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने, ग्लोबल वार्मिंग की चिंता किए बगैर हमने काम किया है। यही देश है जहां आततायी आतंकी आकर हमें मारकर चले जाते थे, आज देश की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है, सीना गर्व से चौड़ा ह जाता है।’

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