कटनी में सिंधी महिलाओं ने चंद्र अर्घ्य से पूरा किया तीजड़ी व्रत, कुछ क्षेत्रों में अभी भी चंद्रमा का इंतजार

Screenshot 20250812 220255 Video Player

कटनी। 12 अगस्त 2025: सिंधी समाज की महिलाओं ने आज तीजड़ी व्रत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने सूर्योदय से पूर्व असुर (लोल, रबड़ी, कोकी) का सेवन कर व्रत की शुरुआत की। सोलह श्रृंगार करके टिकाना स्थल पर तीजड़ी माता की पूजा अर्चना की और तीजड़ी माता की कथा का श्रवण किया।

IMG 20250812 WA0024

IMG 20250812 WA0024

रात्रि में चंद्रमा के उदय होते ही महिलाओं ने चावल, दूध, चीनी और खीरा अर्पित कर चंद्र अर्घ्य दिया और पारंपरिक मंत्र का उच्चारण किया। व्रत का समापन सात्विक भोजन ग्रहण कर किया गया। यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए किया जाता है।

हालांकि, कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा के देर से उदय होने के कारण महिलाएं अभी भी चंद्र अर्घ्य का इंतजार कर रही हैं। जैसे ही चंद्रमा दिखाई देगा, वे अर्घ्य अर्पित कर अपने व्रत का पारण करेंगी।

तीजड़ी व्रत सिंधी समाज की एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जो विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए उपवासी रहती हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेती हैं।