दिवाली-छठ पर घरेलू हवाई किराया बेकाबू: ‘घर जाने से सस्ता तो मालदीव और बैंकॉक जाना है’, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़
नई दिल्ली: दिवाली और छठ पूजा के आगामी त्योहारी सीजन में देश के भीतर हवाई यात्रा करना आम नागरिक के बजट से बाहर होता दिख रहा है। त्योहारों पर घर जाने की होड़ के बीच घरेलू उड़ानों का किराया इतना बढ़ चुका है कि लोग सोशल मीडिया पर टिकटों के स्क्रीनशॉट शेयर कर अपनी लाचारी और गुस्सा ज़ाहिर कर रहे हैं। कई रूट्स पर देश के भीतर का एक तरफ का किराया विदेश जाने के किराए से भी अधिक हो गया है। दिवाली-छठ पर घरेलू हवाई किराया बेकाबू: ‘घर जाने से सस्ता तो मालदीव और बैंकॉक जाना है’, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़
‘घर जाऊं या बैंकॉक?’ – सोशल मीडिया पर वायरल तुलनाएं
इंटरनेट और इंस्टाग्राम पर यात्रियों द्वारा शेयर किए गए किरायों के आंकड़े और मीम्स वायरल हो रहे हैं:
पुणे से पटना बनाम बैंकॉक: यूजर @unfiltered_100rabh ने स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिसमें पुणे से पटना की टिकट का किराया ₹32,000 दिखा रहा है, जबकि पुणे से बैंकॉक (थाइलैंड) की उड़ान महज ₹14,451 में उपलब्ध है। यूजर ने लिखा— “समझ नहीं आ रहा कि घर जाऊं या थाईलैंड।”
बेंगलुरु से श्रीनगर बनाम मालदीव: यूजर @burgerbanditx ने बेंगलुरु से श्रीनगर का किराया ₹19,000 दिखाया, जबकि मालदीव का टिकट लगभग ₹13,000 का मिल रहा है। यूजर की टिप्पणी थी— “घर जाने से सस्ता तो मालदीव जाना है।”
बेंगलुरु से पटना बनाम बैंकॉक: यूजर @princebharti.09 द्वारा शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बेंगलुरु से बैंकॉक का किराया ₹19,122 है, जबकि बेंगलुरु से पटना का किराया ₹25,353 पहुंच गया है।
मुंबई से गुवाहाटी: इंस्टाग्राम यूजर @munni_roy_15 ने मुंबई से गुवाहाटी का किराया ₹22,000 से ₹43,000 तक दिखाया और तंज कसा— “प्रिय एयरलाइंस, मुझे बस घर जाना है, स्विट्जरलैंड नहीं। थोड़ा रहम करो!”
बेंगलुरु से दिल्ली राउंड ट्रिप: यूजर @rashional_ ने बेंगलुरु-दिल्ली राउंड ट्रिप का किराया ₹30,000 के पार देखने के बाद मज़ाकिया कैप्शन लिखा— “सोचा था आईफोन खरीदूंगी, अब किडनी बेचकर दिवाली पर घर जा रही हूं।”
क्यों आसमान छू रहे हैं हवाई किराए?
ट्रैवल एक्सपर्ट्स के अनुसार, किरायों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी की मुख्य वजह मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) का भारी असंतुलन है:
ट्रेनों में नो-रूम: त्योहारों पर उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी भारत जाने वाली सभी ट्रेनों में हफ्तों पहले से वेटिंग लिस्ट 200 के पार पहुंच चुकी है।
डायनामिक प्राइसिंग (Dynamic Pricing): ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण अचानक हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ी है। एयरलाइंस द्वारा सीमित उड़ानें चलाए जाने और डायनामिक प्राइसिंग एल्गोरिदम के कारण बची हुई सीटों के दाम तेजी से ऑटो-इंक्रीज हो रहे हैं।
ट्रैवल एजेंट्स का मानना है कि जैसे-जैसे दिवाली पास आएगी, ऐन मौके पर टिकट बुक करने वालों के लिए किराए और अधिक बढ़ सकते हैं।



















