IDBI Bank Privatisation: हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी नहीं बदलेंगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, DIPAM सचिव ने दिया बड़ा आश्वासन

IDBI Bank Privatisation: हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी नहीं बदलेंगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, DIPAM सचिव ने दिया बड़ा आश्वासन

IDBI Bank Privatisation: हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी नहीं बदलेंगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, DIPAM सचिव ने दिया बड़ा आश्वासन

नई दिल्ली: IDBI बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी (Majority Stake) की बिक्री को लेकर कर्मचारियों की बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने स्पष्ट किया है कि बैंक में रणनीतिक हिस्सेदारी बेचने के बाद भी मौजूदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नौकरी के नियम व शर्तें (Service Terms) पूरी तरह से पहले जैसी ही रहेंगी।

52,878 करोड़ रुपये में डील, घबराने की जरूरत नहीं

कनाडा की ‘फेयरफेक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स’ (Fairfax Financial Holdings) को आईडीबीआई बैंक में 60 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचे जाने की प्रक्रिया जारी है। इस पर बात करते हुए अरुणीश चावला ने कहा कि शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) के तहत खरीदार कंपनी मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में कोई भी नुकसानदेह फेरबदल या संशोधन नहीं कर सकती है। इसलिए कर्मचारियों को डरने या घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।IDBI Bank Privatisation: हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी नहीं बदलेंगी कर्मचारियों की सेवा शर्तें, DIPAM सचिव ने दिया बड़ा आश्वासन

पेंशनभोगियों के लिए स्पेशल पेंशन फंड

पेंशनभोगियों की आशंकाओं को दूर करते हुए DIPAM सचिव ने बताया कि उनके लिए एक स्पेशल पेंशन फंड (Special Pension Fund) अलग से रखा गया है और उनकी सभी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह से सम्मान किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि आईडीबीआई बैंक एक राष्ट्रीयकृत (Nationalised) बैंक नहीं है, इसलिए इसकी सेवा शर्तें सरकार द्वारा नहीं बल्कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा तय की जाती हैं। आगे भी यह कंपनी और श्रम कानूनों (Labor Laws) के तहत ही काम करता रहेगा।

कर्मचारियों ने नवंबर में बुलाई हड़ताल

गौरतलब है कि टॉप ब्यूरोक्रेट का यह बयान ऐसे समय आया है जब आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी निजीकरण के इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के शीर्ष संगठन ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के समर्थन के साथ कर्मचारियों ने नवंबर की शुरुआत में सभी शाखाओं में हड़ताल का आह्वान किया है।