
IAF की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने साफ की रणनीति; अलग ड्रोन फोर्स से इनकार, Su-57 विकल्प और कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को सराहा
डिफेंस एवं नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय वायुसेना (IAF) की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश की हवाई सुरक्षा, आधुनिक ड्रोन रणनीति, लड़ाकू विमानों की घटती संख्या और भविष्य के फाइटर जेट्स को लेकर कई बड़े और स्पष्ट बयान दिए हैं।
अलग ‘ड्रोन फोर्स’ की संभावना से इनकार, सिस्टम के साथ तालमेल पर जोर
वायुसेना प्रमुख ने ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन को लेकर भारत की नीति स्पष्ट की:
कोई नया विचार नहीं: एयर चीफ मार्शल ने कहा कि ड्रोन भारतीय वायुसेना के लिए कोई नई या क्रांतिकारी क्षमता नहीं हैं, बल्कि यह दशकों से मौजूद क्षमताओं का ही विस्तार हैं।
एकजुट संचालन जरूरी: अलग से ‘ड्रोन फोर्स’ बनाने की मांग को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में अलग-अलग हथियारों को एक-दूसरे से काटकर चलाने के बजाय, उनका मौजूदा प्लेटफॉर्म्स के साथ तालमेल (Integration) ज्यादा प्रभावी होता है।
लोइटरिंग म्यूनिशन का प्रभाव: उन्होंने बताया कि लोइटरिंग म्यूनिशन ने दुश्मन के एयर डिफेंस संपत्तियों को निशाना बनाने और अराजकता पैदा करने में बेहतरीन भूमिका निभाई है। अब इनकी संख्या और क्षमता में विस्तार किया जा रहा है।
लड़ाकू विमानों की कमी: तेजस Mark-1A, MRFA और AMCA की स्थिति
वायुसेना प्रमुख ने स्वीकार किया कि भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स की संख्या घट रही है और विमानों की डिलीवरी में देरी हुई है:
कमी को पूरा करने की योजना: इस अंतर को भरने के लिए तेजस मार्क-1A, MRFA (मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) और मार्क-2 लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट्स पर काम तेज किया जा रहा है।
AMCA में देरी पर Su-57 का विकल्प: भारत के स्वदेशी 5th जेनरेशन फाइटर जेट कार्यक्रम AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) को लेकर उन्होंने कहा कि यदि इसमें और देरी होती है, तो वायुसेना को दूसरे विकल्पों पर सोचना होगा। रूस ने अपने Su-57 फाइटर जेट की पेशकश की है, हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर गर्व
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हालिया फ्लाईदुबई विमान घटना में साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की:
उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने संकट के समय जिस शारीरिक और मानसिक मजबूती, सूझबूझ और धैर्य का परिचय दिया, वह अद्भुत है।
हर भारतीय को कैप्टन मच्छार की इस बहादुरी पर गर्व है और उनकी यह कार्रवाई पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।







