मैं सिंगल हूं, सिंगल मदर नहीं… तलाक के बाद भरत तख्तानी संग को-पेरेंटिंग पर ईशा देओल ने तोड़ी चुप्पी; बताया कैसा है अब रिश्ता

हेमा मालिनी-धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल ने कहा- बच्चों के लिए हम आज भी एक टीम हैं, 'मदरहुड' के बाद बदल गई हैं प्राथमिकताएं।

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा देओल और उनके पूर्व पति भरत तख्तानी ने साल 2024 में जब अपने तलाक की घोषणा की थी, तो फैंस काफी हैरान रह गए थे। शादी के 11 साल बाद अलग होने के बावजूद, दोनों ने अपने रिश्ते की गरिमा और सम्मान को कम नहीं होने दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में ईशा देओल ने अपने इस बदले हुए रिश्ते और अपनी बेटियों—राध्या और मिराया—की परवरिश (Co-Parenting) को लेकर खुलकर बात की है।

“मैं सिंगल हूं, लेकिन सिंगल मदर नहीं”

बॉम्बे टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ईशा देओल ने साफ किया कि तलाक के बाद भी उनकी और भरत की जिंदगी में बच्चों की परवरिश को लेकर कोई कड़वाहट नहीं आई है।

ईशा ने कहा:

“मैं यह बिल्कुल साफ करना चाहती हूं कि भले ही मैं सिंगल हूं, लेकिन मैं सिंगल मदर नहीं हूं। भगवान की दया से भरत और मैं एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और हम मिलकर को-पेरेंटिंग कर रहे हैं। हम आज भी एक परिवार हैं और हमारे लिए हमेशा हमारे बच्चे ही पहली प्राथमिकता रहेंगे। हम दोनों मिलकर उन्हें पूरा प्यार और केयर देंगे ताकि वे जिंदगी में मजबूत बन सकें।”

ईशा के मुताबिक, पेरेंटिंग हमेशा एक ज्वाइंट एफर्ट (संयुक्त प्रयास) होता है और दोनों ही अपनी बेटियों की भलाई के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं।

मां बनने के बाद बदल गईं प्राथमिकताएं (Priorities)

धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बड़ी बेटी ईशा ने यह भी साझा किया कि मां बनने के बाद एक महिला के रूप में उनके सोचने का तरीका और प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। अब वे फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को चुनने में काफी सिलेक्टिव हो गई हैं।

उन्होंने बताया, “एक मां के तौर पर यह बहुत स्वाभाविक है कि आपकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। मैं अपने बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहती हूं और उनकी परवरिश के हर मोड़ पर सक्रिय रूप से उनके साथ रहना चाहती हूं।”

 करियर की नई पारी: ‘घूंघट’ से करेंगी वापसी

निजी जिंदगी में आए इस बड़े बदलाव के बाद ईशा देओल अब अपने करियर पर भी पूरा फोकस कर रही हैं। वे जल्द ही सिल्वर स्क्रीन पर एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘घूंघट’ के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करती नजर आएंगी।

बचपन की दोस्ती से तलाक तक का सफर

तलाक के बाद भी ईशा और भरत का यह मैच्योर व्यवहार समाज और उन कपल्स के लिए एक मिसाल है जो अलग होने के बाद बच्चों की परवरिश को लेकर अदालतों के चक्कर काटते हैं।

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