गढ़चिरौली: आश्रमशाला में सो रही छात्राओं पर बोला सांप ने हमला; 3 आदिवासी छात्राओं की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की धानोरा तहसील अंतर्गत जपतलाई में स्थित एक पूर्ण अनुदानित आश्रमशाला के छात्रावास में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना घटी [cite: धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित आश्रमशाला के छात्रावास में रविवार देर रात जहरीला सांप घुस आया।, जानकारी के मुताबिक, घटना 10 अगस्त की रात करीब 2 बजे की है।, जपतलाई की यह पुरानी पूर्ण अनुदानित आश्रमशाला एक संस्था के अंतर्गत संचालित होने की जानकारी है।]। छात्रावास के कमरे में जमीन पर सो रही छात्राओं को एक जहरीले सांप ने डस लिया [cite: आश्रम स्कूल में रात को सोते समय जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई…, छात्रावास के एक कमरे में करीब 79 छात्राएं सो रही थीं। इसी दौरान अचानक कमरे में सांप घुस गया और कुछ छात्राओं को उसने काट लिया।]। इस सर्पदंश के कारण तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई है, जबकि कुछ अन्य छात्राओं का इलाज अस्पताल में जारी है।
एक कमरे में 79 छात्राएं… जमीन पर बिछे थे गद्दे!
घटना की खौफनाक कड़ियां कुछ इस प्रकार हैं:
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79 छात्राएं थीं मौजूद: जिस समय हादसा हुआ, उस समय छात्रावास के एक ही कमरे में करीब 79 छात्राएं सो रही थीं [cite: जानकारी के मुताबिक, घटना 10 अगस्त की रात करीब 2 बजे की है। छात्रावास के एक कमरे में करीब 79 छात्राएं सो रही थीं।]।
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अचानक मची अफरा-तफरी: रात करीब 2 बजे अचानक कमरे में जहरीला सांप घुस आया और सो रही छात्राओं को काटने लगा [cite: जानकारी के मुताबिक, घटना 10 अगस्त की रात करीब 2 बजे की है।…, इसी दौरान अचानक कमरे में सांप घुस गया और कुछ छात्राओं को उसने काट लिया।]। चीख-पुकार सुनकर पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया।
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अस्पताल में तोड़ा दम: प्रभावित छात्राओं को तुरंत धानोरा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान 2 छात्राओं की मौत हो गई। एक अन्य गंभीर छात्रा को गढ़चिरोली जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया [cite: वहीं, गंभीर हालत में एक छात्रा को गढ़चिरोली जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।]।
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दीपिका मडावी की हालत गंभीर: भर्ती छात्राओं में दीपिका बिटकुसाय मडावी नामक छात्रा की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वहीं, खौफ और घबराहट के कारण कई अन्य छात्राओं को भी बेचैनी व उल्टी की शिकायत के बाद चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है [cite: घटना के बाद छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राओं में भी डर और दहशत का माहौल है। कुछ छात्राओं को घबराहट, बेचैनी और उल्टी जैसी शिकायतें होने की जानकारी है। एहतियात के तौर पर कई छात्राओं को अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।]।
आश्रमशाला की सुरक्षा व व्यवस्थाओं पर कड़े सवाल
इस दर्दनाक घटना ने आश्रमशालाओं में रह रहे छात्रों की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है:
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बेड की कमी: आरोप है कि 79 छात्राओं के लिए बेड की कोई व्यवस्था नहीं थी। छात्राओं को जमीन पर गद्दे बिछाकर सुलाया जाता था और एक गद्दे पर दो-दो लड़कियां सोने को मजबूर थीं [cite: दावा किया जा रहा है कि छात्रावास में रहने वाली करीब 79 छात्राओं के लिए पर्याप्त बेड की व्यवस्था नहीं थी। छात्राओं को जमीन पर गद्दे बिछाकर सुलाया जाता था और एक गद्दे पर दो छात्राओं के सोने की व्यवस्था होने की बात सामने आई है।]।
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सुरक्षा में चूक: क्या परिसर को जहरीले जीव-जंतुओं से मुक्त रखने के लिए एंटी-स्नेक नेटिंग या पेस्ट कंट्रोल के पर्याप्त इंतजाम थे?
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जांच और कार्रवाई की मांग: स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने इस लापरवाही पर कड़े प्रशासनिक एक्शन और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है [cite: प्रशासन की जांच में अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ सकती है।]।
