Latest

हाई कोर्ट की फटकार: हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे पंजाब सरकार, 12 मई को अगली सुनवाई

चंडीगढ़। 1 मई 2026: हाई कोर्ट की फटकार: हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे पंजाब सरकार, 12 मई को अगली सुनवाई। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में हरभजन सिंह और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कोई शारीरिक क्षति (Physical Harm) नहीं पहुंचनी चाहिए।

मामले की मुख्य बातें

  • कोर्ट का रुख: जस्टिस जगमोहन बंसल ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 12 मई तक जवाब मांगा है।

  • विवाद की जड़: 24 अप्रैल को हरभजन सिंह ने राघव चड्ढा समेत 6 अन्य राज्यसभा सदस्यों के साथ ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा हटा ली थी।

  • भीषण विरोध: सुरक्षा हटते ही जालंधर और लुधियाना में उनके घरों के बाहर हिंसक प्रदर्शन हुए। भीड़ ने उनके घर की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिख दिया और स्प्रे पेंट से तोड़फोड़ की।

हरभजन सिंह की याचिका के प्रमुख बिंदु:

  1. मनमानी कार्रवाई: याचिका में आरोप लगाया गया कि ADGP (सुरक्षा) ने खतरे का आकलन किए बिना और बिना किसी नोटिस के मनमाने ढंग से सुरक्षा वापस ले ली।

  2. पुलिस की निष्क्रियता: हरभजन ने दावा किया कि 25 और 26 अप्रैल को जब भीड़ उनके घर पर हमला कर रही थी, तब स्थानीय पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन मूकदर्शक बनी रही।

  3. गंभीर आरोप: याचिका के अनुसार, जालंधर के उपायुक्त ने कथित तौर पर ‘आप’ कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन की अनुमति दी और ठीक उसी समय उनके घर पर तैनात सुरक्षाकर्मी वहां से हटा लिए गए।

केंद्र सरकार ने संभाली कमान

पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटने और घर पर हमले के बाद, केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जालंधर स्थित हरभजन सिंह के आवास पर CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की तैनाती कर दी है।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और भाजपा नेता हरभजन सिंह की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद हरभजन सिंह के घर पर हुए हमलों और सुरक्षा हटाए जाने के मामले में कोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी हिदायत दी है।

न्यूज़ बुलेटिन (YashBharat.com):

खेल से राजनीति के मैदान में आए हरभजन सिंह के लिए पार्टी बदलना सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। कोर्ट का यह आदेश न केवल हरभजन के लिए राहत भरा है, बल्कि उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाता है जहाँ राजनीतिक बदलाव के तुरंत बाद सुरक्षा हटा ली जाती है।

YASHBHARAT.COM (देश और दुनिया की हर बड़ी हलचल पर हमारी नजर)

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि