मुजफ्फरनगर में भारी बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहने से पिता और 4 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत

मुजफ्फरनगर में भारी बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहने से पिता और 4 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत

​मुजफ्फरनगर में भारी बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहने से पिता और 4 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत

मुजफ्फरनगर।  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर सीकरी गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां रविवार रात को लगातार हो रही तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण एक मजदूर का कच्चा मकान भरभराकर ढह गया. इस दर्दनाक हादसे में परिवार के मुखिया (पिता) और उनके चार मासूम बच्चों की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि पत्नी और एक अन्य बेटी गंभीर रूप से घायल हैं.

​खाना खाते समय अचानक काल बना मकान

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात को 58 वर्षीय मजदूर इस्लाम कस्सार अपने परिवार के साथ बैठकर घर में रात का खाना खा रहे थे. पूरा परिवार एक साथ मौजूद था, तभी तेज बारिश के कारण अचानक मकान की पिछली पक्की दीवार पर दबाव बढ़ा और वह आगे की तरफ गिर गई. दीवार गिरते ही पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी. मलबे में परिवार के सभी 7 लोग दब गए और चीख-पुकार मच गई।

​ग्रामीणों ने जेसीबी बुलाकर निकाला बाहर

​मलबे के नीचे से बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े. शोर-शराबा होने पर देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और राहत कार्य में जुट गए. मलबे को हटाने के लिए तुरंत जेसीबी मशीन मंगवाई गई. ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला और निजी वाहनों व एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बुढ़ाना पहुंचाया.

​अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पिता इस्लाम और उनके चार बच्चों को मृत घोषित कर दिया, वहीं दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में आगे रेफर कर दिया गया है.

​हताहतों का विवरण:

मृतक:

  1. इस्लाम (58 वर्ष) – पिता/परिवार के मुखिया
  1. रुखसार (10 वर्ष) – बेटी
  1. आहद (05 वर्ष) – बेटा
  1. अलसीबा (04 वर्ष) – बेटी
  1. जीशान (01 वर्ष) – बेटा

गंभीर रूप से घायल:

  1. रुकैया (50 वर्ष) – पत्नी
  1. सुमैया (07 वर्ष) – बेटी

​गांव में पसरा मातम, प्रशासन अलर्ट

​इस भयावह हादसे के बाद से पूरे हबीबपुर गांव में मातम पसरा हुआ है. एक ही झटके में हंसते-खेलते परिवार के पांच सदस्यों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद और सरकारी नियमानुसार मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, मानसून के दौरान क्षेत्र के अन्य जर्जर मकानों के सर्वे के निर्देश भी दिए गए हैं।

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