GST Rulse: एक कर के नारे के साथ लागू हुए इस कर कानून में 6 साल बाद भी प्रक्रियाएं आसान नहीं

GST Rulse: एक कर के नारे के साथ लागू हुए इस कर कानून में 6 साल बाद भी प्रक्रियाएं आसान नहीं। जीएसटी की विसंगतियां अब व्यापारियों के साथ कर पेशेवरों को भी खलने लगी हैं। 2017 में एक देश-एक कर के नारे के साथ लागू हुए इस कर कानून में छह साल बाद भी प्रक्रियाएं आसान नहीं हुई हैं। कानून को लाने से पहले की गई घोषणाएं अधूरी हैं। प्रदेश के कर सलाहकार, वकील और सीए मिलकर जीएसटी की विसंगतियों एक श्वेतपत्र तैयार करने में जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश की नई सरकार के सामने यह श्वेतपत्र पेश करने की योजना है।
2023 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अगला वर्ष आम चुनाव का है। छह साल से नए कर कानून की परेशानियों से जूझ रहे व्यापारियों और कर सलाहकारों को दिख रहा है कि यह सही समय है जब विसंगतियों पर सरकारों का ध्यान दिलाया जाए। प्रदेश सरकार के सामने श्वेत पत्र पेश होगा। मांग की जाएगी कि व्यापार और कर पेशेवरों के सुझाव को प्रदेश सरकार केंद्र और जीएसटी काउंसिल के सामने जोर-शोर से उठाएं।
चुनावी मौसम में सरकार जीएसटी में सुधार करने और बेहतर बनाने पर मजबूर होगी, ऐसी उम्मीद भी ये लोग कर रहे हैं। दरअसल बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य के वित्तमंत्री तमाम बैठकों का वादा करते रहे, लेकिन व्यापारियों के साथ एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई। लिहाजा अब नई सरकार पर शुरुआत से ही व्यापारी जगत के लिए दबाव बनाने की तैयारी है।








