Sunday, May 24, 2026
Latest:
FEATURED

Graphic designer ने अपने टैलेंट का दुरुपयोग कर 100 से ज्यादा लड़कियों को बनाया शिकार, फिर एक दिन…

Graphic designer ने अपने टैलेंट का दुरुपयोग कर 100 से ज्यादा लड़कियों को बनाया शिकार, फिर एक दिन… जहांगीरपुरी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवतियों की फोटो से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल करता था और रुपये वसूलता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने देशभर में सवा सौ से अधिक युवितयों को अपना शिकार बनाया है।

डीसीपी विजंयता आर्या ने बताया कि जहांगीरपुरी निवासी पीड़िता ने 20 नवम्बर को थाने में एफआईआऱ दर्ज कराई थी। पेशे से एयर हॉस्टेस पीड़िता ने बताया कि उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर कोई उन्हें व्हाट्स एप पर भेज रहा है। साथ ही 20 हजार रुपये नहीं देने पर इन फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने आईटी एक्ट एवं अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एसएचओ सुरिंदर संधु की देखरेख में इंस्पेक्टर वरुण दलाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। डीसीपी विजयंता आर्या ने बताया कि व्हॉट्सएप नंबर के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। फिर 21 नवम्बर को इंस्पेक्टर वरुण दलाल की टीम ने गुरुग्राम से शोएब अख्तर और नसीमुल अख्तर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी जब्बार फरार चल रहा है।

लॉकडाउन में शुरू किया था धंधा
जांच में मालूम हुआ कि शोएब अख्तर गिरोह का सरगना है। वह गुरुग्राम स्थित टीसी फाइनेंशियल कंपनी में काम करता था, लेकिन लाकडाउन में उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने गांव के लोगों के साथ मिलकर ब्लैकमेल करने का काम करने लगा। आरोपी ने बताया कि वह अब तक देशभर के सवा सौ से अधिक युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। हालांकि डीसीपी ने बताया कि अब तक 45 लोगों ने पुलिस से संपर्क किया है। शिकार लोगों में इलाहाबाद की युवती भी है। आरोपियों के बैंक खाते में पुलिस को 12 लाख रुपये भी मिले हैं जो उसने ब्लैकमेलिंग से उगाहे थे।

एनबीएफसी कंपनी के डाटा से ढूंढ़ते थे शिकार
दरअसल, शोएब जिस कंपनी में काम करता था, वह कैशबीन नाम की एप आधारित कम्पनी से जुड़ी थी। कैशबीन एप पर लोग सदस्य बनते हैं और फिर कागजी कार्रवाई पूरी होने पर उन्हें आसानी से लोन आदि मिल जाता है। जब शोएब नौकरी से निकाला गया तब उसके पास एक लाख से अधिक लोगों का डाटा था। इसी डाटा का इस्तेमाल वह ब्लैकमेल करने में करता था।

Graphic designer

ग्राफिक डिजाइनर है आरोपी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शोएब ने ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स किया हुआ है। उसके कब्जे से चार फोन एवं दो लैपटाप भी मिले हैं। लैपटाप में तीन हजार से अधिक युवतियों की फोटो मिली है, जिससे छेड़छाड़ करके वह ब्लैकमेल करता। इसके अलावा 500 से अधिक फोटो ऐसी मिली हैं जिसके साथ छेड़छाड़ किया जा चुका है। शोएब किसी भी युवती की फोटो पर बड़ी सफाई के साथ परिवर्तित करता था। फिर गिरोह के अन्य लोग इसे पीड़िता के व्हाट्स एप पर भेजकर वसूली करते थे। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम बंगाल गई हुई है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम