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सायना किड्स स्कूल बरगवां में ग्रैंड पैरेंट्स डे का हुआ भव्य आयोजन

सायना किड्स स्कूल बरगवां में ग्रैंड पैरेंट्स डे का हुआ भव्य आयोजनकटनी-सायना किड्स स्कूल बरगवां में आयोजित हुए ग्रैंड पैरेंट्स डे कार्यक्रम में स्कूल ने अभिभावक के रूप में सभी बच्चे के दादा दादी, नाना नानी को आमंत्रित किया था स्कूल टीचर मिस नेहा कश्यप एवं रागनी पटेल ने तिलक लगाया और पुष्प वर्षा करके सभी का स्वागत किया । कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से हुई । तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमति श्यामा अरोरा जी, सायना इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ आदित्य कुमार शर्मा,स्कूल के मैनेजमेंट रिप्रेजेंटेटिव मि. ऋषि अरोरा एवं किड्स स्कूल की हेड मिस्ट्रेस डॉ भारती शर्मा का स्वागत स्कूल के छात्र – छात्रा द्वारा किया गया।
स्वागत की इस कड़ी के तत्पश्चात कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत प्ले क्लास के नन्हे मुन्हे बच्चो के दादा दादी एवं नाना नानी के रेम्प वॉक से हुई , दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ सांग में बच्चो के परफॉर्मेंस को तालियां बजाकर सभी ने आशीर्वाद दिया,कार्यक्रम में उपस्थित पेरेंट्स ने बच्चों के साथ मंच पर अपने अभिनय कला का प्रदर्शन कर सभी को आकर्षित किया, ग्रैंड पैरेंट्स की खुशी का अंदाजा उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। हर कोई अपने ही अंदाज में अपनी छठा को बिखेर रहा था।

पूर्व महापौर श्री मति निर्मला पाठक “मम्मी जी” ने बताया कि माता-पिता अपने बच्चे के लिए हर समय नहीं रह सकते हैं और उस समय परिवार में मौजूद दादा-दादी, नाना-नानी एक बड़ी भूमिका निभाते हैं. अपने जीवन के अनुभव के जरिए कई चीजें सिखाते हैं और अपने पोते-पोतियों को जीवन के महत्वपूर्ण सबक देते हैं ।
श्री मति श्यामा अरोरा– छोटे बच्चों के लिए ग्रैंड पैरेंट्स मजबूत धागे होते हैं, जिसके जरिए बच्चे सुंदर रेशे की तरह हो जाते हैं। आज की आधुनिकता के कारण व बढ़ते सोशल मीडिया के प्रति रुझान को देखते हुए छात्र अपने दादा दादी नाना-नानी से अलग होते जा रहे हैं।
समाज को संतुलन प्रदान करते हैं दादा-दादी, नाना-नानी- प्रिंसिपल डॉ शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक निस्वार्थ अपने बच्चों और पोता-पोती की सेवा करते हैं। उन्हें बेहतर इंसान बनने में उनकी मदद करते हैं। वे हमारे सामाजिक ढांचे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। समाज को संतुलन और स्थिरता प्रदान करते हैं। दादा-दादी,नाना-नानी का बच्चों के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वह अपने पोती-पोतियों के साथ खेलना और उनके साथ समय बिताना बहुत ही ज्यादा पसंद करते हैं. वह अपने अनुभवों के जरिए बच्चों को भी कई बातें सिखाते हैं.
बच्चो की लाइब्रेरी-ऋषि अरोरा दादा,दादी,नाना नानी बच्चों की लाइब्रेरी होते हैं. छोटे बच्चे अपने बड़ों से सीखते हैं उनके साथ समय बिताते हैं. ग्रैंड पैरेंट्स बच्चों के गेम सेंटर, टीचर होते हैं. वे हमारे घरों में सबसे अनुभवी होते हैं. इसलिए जिन्दगी जीने के जितने तरीके वो आपको बताते हैं जो कोई नहीं बता सकता. उनका संबंध बच्चों से बहुत खास होता, बच्चों को संस्कार के साथ शेयरिंग करने की प्रवृत्ति भी पैदा करते हैं.
हेड मिस्ट्रेस डॉ.भारती शर्मा ने ग्रैंड पैरेंट्स डे को खास बनाने के लिए आए सभी वरिष्ठ अभिभावकों और बच्चों के प्रयास को सराहा, उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों के जरिये बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनमें संस्कारों को भी भरना जरूरी है। ताकि वे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें और बड़े-बूढ़ों का आदर करें उनकी बेहतरीन गाइडेंस को अपनाते हुए जीवन में सफल इंसान बने ।
इस आयोजन के लिए सभी अभिभावकों ने सायना किड्स स्कूल को धन्यवाद दिया और आगे होने बाले कार्यक्रमो के लिए शुभकामनाएं प्रदान की ।
कार्यक्रम के अंत मिस प्रेरणा अरोरा सभी का आभार प्रगट किया । तत्पश्चात उपस्थित सभी बच्चों एवं ग्रैंड पैरेंट्स को स्नैक्स कराया गया ।
कार्यक्रम की इंचार्ज मिस वंदना मेहता ने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की । कार्यक्रम का कुशल संचानल मिस प्रीति रजक एवं मिस युक्ता गुप्ता के द्वारा किया ।
कार्यक्रम में सभी टीचर स्टॉफ की उपस्थिति रही ।।

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