अभिषेक बनर्जी पर कसता सरकारी शिकंजा: कोलकाता नगर निगम ने कालीघाट समेत 2 घरों को भेजा डिमोलिशन नोटिस; 7 दिनों में अवैध निर्माण गिराने का अल्टीमेटम
कोलकाता: अभिषेक बनर्जी पर कसता सरकारी शिकंजा: कोलकाता नगर निगम ने कालीघाट समेत 2 घरों को भेजा डिमोलिशन नोटिस; 7 दिनों में अवैध निर्माण गिराने का अल्टीमेटमपश्चिम बंगाल की सियासत में आए बड़े बदलाव के बाद अब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) ने अभिषेक बनर्जी की दो प्रमुख संपत्तियों— कालीघाट रोड स्थित आवास और शांतिनिकेतन बिल्डिंग को लेकर एक बेहद कड़ा नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस कोलकाता नगर निगम के भवन विभाग अधिनियम की धारा 401 के तहत जारी किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम के मेयर भले ही तृणमूल नेता फिरहाद हकीम हैं, लेकिन यह नोटिस राज्य की नई शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल के सीधे निर्देशों पर नगर निगम सचिव द्वारा तामील कराया गया है।
नक्शे के विपरीत निर्माण का आरोप: 7 दिन में नहीं तोड़ा, तो चलेगा निगम का बुलडोजर
केएमसी (KMC) द्वारा जारी किए गए इस नोटिस में साफ तौर पर निर्माण कार्यों में नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों की तरह ही नगरीय नियमों की गंभीर अनदेखी की बात कही गई है:
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नक्शे से छेड़छाड़: नगर निगम की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इन दोनों इमारतों में किया गया निर्माण, निगम से पास हुए असली नक्शे (Approved Plan) के मुताबिक नहीं है।
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7 दिन की मोहलत: नोटिस के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को इन दोनों संपत्तियों का स्वीकृत नक्शा अधिकारियों के सामने पेश करना होगा। साथ ही, स्वीकृत नक्शे के अतिरिक्त जो भी अवैध निर्माण किया गया है, उसे 7 दिनों के भीतर खुद तोड़ना होगा।
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निगम खुद तोड़ेगा, खर्च भी वसूलेगा: यदि सात दिनों के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो नगर आयुक्त द्वारा 7 दिन का एक और अंतिम नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद कोलकाता नगर निगम खुद इस अवैध निर्माण को ध्वस्त (Demolish) कर देगा और इस तोड़फोड़ में आने वाला पूरा खर्च भी अभिषेक बनर्जी से ही वसूला जाएगा।
अभिषेक बनर्जी की 24 संपत्तियां जांच के दायरे में; 21 के मांगे प्लान
बंगाल की राजनीति में इस समय अभिषेक बनर्जी चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उन पर लगातार हमलावर हैं और उन्होंने हाल ही में यह बड़ा दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी की कुल 24 संपत्तियां इस समय विभिन्न जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए केएमसी ने उनकी 21 अलग-अलग संपत्तियों के बिल्डिंग प्लान और दस्तावेज प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं। जिन संपत्तियों को ताजा नोटिस भेजा गया है, उनमें हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास और कालीघाट चौराहे पर बनी एक बहुमंजिला इमारत भी शामिल है।
‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी से भी जुड़े हैं तार
दस्तावेजों के मुताबिक, इससे पहले भी शिक्षक भर्ती घोटाले (Teacher Recruitment Scams) में ‘लिप्स एंड बाउंड्स’ नाम की कंपनी केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI/ED) के निशाने पर रही है। इस कंपनी की स्थापना साल 2009 में हुई थी और साल 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने से पहले अभिषेक बनर्जी इसके निदेशक (Director) पद से हटकर सीईओ (CEO) बन गए थे। उस वक्त उनके माता-पिता और पत्नी इस कंपनी के डायरेक्टर थे। अब राज्य का नगर निगम विभाग और जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों को जोड़कर वित्तीय और विधिक अनियमितताओं की गहराई से जांच कर रही हैं।

