Gitti mines closed: रेत के बाद गिट्टी भी हो सकती है महंगी, दो हजार खदानें बंद
भोपाल । मध्य प्रदेश में रेत के बाद निर्माण कार्य में उपयोगी गिट्टी भी महंगी हो सकती है। इससे निर्माण कार्यों की लागत पर असर पड़ेगा। इसका मुख्य कारण दो हजार से ज्यादा स्टोन क्रशर का लंबे समय से बंद होना है।

एक साल पहले हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सरकारी भूमि से गिट्टी निकालने पर रोक लगाई थी। मामले में तीन माह पहले जबलपुर हाई कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने क्रशर संचालकों को राहत दी है, पर खनिज विभाग अब भी लीज नवीनीकरण को तैयार नहीं है, इसलिए ऐसे हालात बन गए हैं। लिहाजा विभाग ने महाधिवक्ता से राय मांगी है। प्रदेश में 4000 से ज्यादा स्टोन क्रशर सरकारी जमीन पर चल रहे हैं। इन्हें 10 साल के लिए लीज दी जाती है। करीब दो हजार क्रशर की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है।
विभाग उनकी लीज का नवीनीकरण नहीं कर रहा है। यह स्थिति तब है जब जबलपुर हाई कोर्ट सरकारी जमीन पर खदान चलाने का फैसला सुना चुका है, पर विभाग लीज नवीनीकरण शुरू नहीं कर रहा है। इस कारण बाजार में मांग से कम मात्रा में गिट्टी आ रही है और बिचौलिए इसका फायदा उठा रहे हैं। भोपाल में पिछले तीन महीने में गिट्टी के दाम 17 रुपये घनफीट से बढ़कर 20 और 22 रुपये तक पहुंच गए हैं। अनलॉक के बाद निर्माण कार्यों ने तेजी पकड़ी है, इसलिए आने वाले दिनों में गिट्टी के दाम और बढ़ सकते हैं।

