Thursday, May 28, 2026
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पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला- बोले,’रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से कहें और पर्ची निकालकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं’

रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों और राजनीतिक बदलावों के बीच अब संतों और कथावाचकों के बहाने कांग्रेस और बीजेपी में तीखी जंग छिड़ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने बिलासपुर में मीडिया से बात करते हुए और सोशल मीडिया पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य और उनके शिष्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar Dham) पर तीखा तंज कसा है।

बघेल ने चुटीले अंदाज में कहा कि यदि बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर्ची देखकर लोगों का भूत-भविष्य सब कुछ बता सकते हैं, तो उन्हें अपने गुरु रामभद्राचार्य से निर्देश लेकर देश की जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने की पर्ची भी निकालनी चाहिए।पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला- बोले,’रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से कहें और पर्ची निकालकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं’

‘धीरेंद्र शास्त्री से कम करवाएं पेट्रोल-डीजल के दाम’

पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर रामभद्राचार्य और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की गुरु-शिष्य परंपरा को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

“मैं रामभद्राचार्य जी से विनम्र निवेदन करता हूं कि उनके शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी उनके चरणों में बैठे रहते हैं और पर्ची देखकर सब कुछ बता देते हैं। ऐसे में रामभद्राचार्य जी अपने चेले को थोड़ा निर्देशित करें कि वे पर्ची निकालकर देश में पेट्रोल-डीजल के भाव भी थोड़े कम करवा दें, ताकि जनता का भला हो।”

‘गौ-मांस भक्षक’ मंत्री पर उठाए सवाल, पीएम मोदी पर भी कसा तंज

भूपेश बघेल ने अपने बयानों में केवल कथावाचकों को ही नहीं घेरा, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल को भी लपेटे में लिया:

  • किरेन रीजीजू पर सवाल: बघेल ने कहा कि रामभद्राचार्य जी खुद को बड़े गौ-भक्त और रामभक्त कहते हैं। ऐसे में उन्हें यह बताना चाहिए कि पीएम मोदी ने गौ-मांस का समर्थन करने वाले किरेन रीजीजू को अपने मंत्रिमंडल में क्यों रखा है? क्या रामभद्राचार्य जी इसे सही मानते हैं?

  • दिव्यदृष्टि से देखने की चुनौती: पूर्व सीएम ने आगे कहा, “रामभद्राचार्य जी बड़े ज्ञानी और गुणी हैं। मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि वे अपनी दिव्यदृष्टि से देखकर बताएं कि मोदी जी वैश्विक नेताओं (जैसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) के सामने इतना कॉम्प्रोमाइज होकर क्यों झुक जाते हैं?”

  • Siddaramaiah Resignation PC: सिद्धारमैया ने राजभवन सचिव को सौंपा इस्तीफा; बोले- ‘हाईकमान का ऑफर ठुकराया, राज्यसभा नहीं जाऊंगा; आखिरी सांस तक लड़ूंगा’

 RSS को बताया हिंदू धर्म का ‘ठेकेदार’, श्लोकों पर खड़े किए सवाल

भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी जमकर निशाना साधा:

  • संस्कृत ज्ञान पर तंज: उन्होंने कहा कि आरएसएस आज खुद को हिंदू धर्म का सबसे बड़ा ठेकेदार मानने लगा है। जब रामभद्राचार्य जैसे संत खुद कहते हैं कि आजकल के कई संतों को संस्कृत तक का ज्ञान नहीं है, तो फिर यह कैसे तय होता है कि धर्म का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला- बोले,’रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से कहें और पर्ची निकालकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं’

  • मोहन भागवत पर हमला: बघेल ने सवाल उठाया कि मोहन भागवत ने आज तक सार्वजनिक रूप से संस्कृत का कोई श्लोक तक नहीं बोला है, फिर भी वे सबसे आगे रहते हैं। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रामभद्राचार्य जैसे बड़े संत को इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य पीठ पर आमंत्रित नहीं किया गया था, जबकि मोहन भागवत वहां गर्भगृह में मौजूद थे।

 नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी उठाई थी आवाज

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में इस विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान से हुई थी। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी के दौरे पर पहुंचे महंत ने मीडिया से साफ कहा था कि वे स्वामी रामभद्राचार्य को ‘जगतगुरु’ तो दूर, गांव का गुरु भी नहीं मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि रामभद्राचार्य धर्म की आड़ में केवल बीजेपी का राजनीतिक प्रचार करने छत्तीसगढ़ आए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘सनातन बनाम कांग्रेस’ की बहस एक बार फिर छिड़ गई है, जिस पर बीजेपी भी पलटवार की तैयारी में है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि