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Birth & Death Registration Bill 2026: मोदी सरकार का बड़ा फैसला-आज लोकसभा में पेश होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, जानें नियम

अमित शाह आज पेश करेंगे जन्म-मृत्यु पंजीकरण बिल" 2 साल की देरी पर कोर्ट से मिलेगी मंजूरी, जानें नए नियम

Birth & Death Registration Bill 2026: मोदी सरकार का बड़ा फैसला-आज लोकसभा में पेश होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, जानें नियम

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार प्रशासनिक सुधारों और डेटा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करेंगे। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य जन्म और मृत्यु के मामलों में देरी से होने वाले पंजीकरण के नियमों को बेहद सख्त बनाना और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लगाना है।

देरी से रजिस्ट्रेशन कराने पर सख्त होंगे नियम

विधेयक के तहत फर्जी रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया को कड़ा किया गया है:

  • 1 से 2 साल की देरी: जन्म या मृत्यु के 1 से 2 साल बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनिवार्य मंजूरी लेनी होगी।

  • 2 साल से अधिक की देरी: यदि देरी 2 साल से ज्यादा होती है, तो मामला सीधे न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास जाएगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट तथ्यों की गहन जांच के बाद ही आदेश जारी करेंगे।

  • लेट फीस और सत्यापन: देरी से रजिस्ट्रेशन कराने पर प्रशासनिक सत्यापन के साथ-साथ निर्धारित लेट फीस भी देनी होगी।

 डिजिटल डेटाबेस और दस्तावेज लिंकेज

सरकार पूरे देश के जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड को डिजिटल बनाकर एक केंद्रीय डेटाबेस तैयार कर रही है:

  • एकल दस्तावेज का दर्जा: अब जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को स्कूल में एडमिशन, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, पासपोर्ट और सरकारी नौकरियों के लिए प्राथमिक कानूनी दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

  • केंद्रीय लिंकेज: इस डिजिटल रिकॉर्ड को वोटर लिस्ट, राशन कार्ड और अन्य सरकारी डेटाबेस से लिंक किया जाएगा, जिससे नागरिकों को प्रमाण पत्र आसानी से ऑनलाइन मिल सकेंगे।

 क्यों जरूरी है यह संशोधन?

  1. फर्जीवाड़े पर रोक: जन्म और मृत्यु के फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पूरी तरह बंद होगी।

  2. सदाबहार पहचान पत्र: जन्म प्रमाण पत्र किसी भी नागरिक का पहला कानूनी दस्तावेज होता है, जो स्कूल दाखिले से लेकर सरकारी योजनाओं और पासपोर्ट बनवाने तक अनिवार्य है।

  3. संपत्ति और पेंशन दावे आसान: मृत्यु प्रमाण पत्र का डिजिटल रिकॉर्ड होने से बैंक अकाउंट बंद करने, बीमा क्लेम, पेंशन लाभ और संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। Birth & Death Registration Bill 2026: मोदी सरकार का बड़ा फैसला-आज लोकसभा में पेश होगा जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, जानें नियम

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