Fitness Guide: फिट रहने के लिए किसे रोजाना कितने किलोमीटर चलना चाहिए? जानें उम्र के अनुसार सैर का कड़ा विधिक पैमाना और इसके 5 महा-लाभ
Fitness Guide: फिट रहने के लिए किसे रोजाना कितने किलोमीटर चलना चाहिए? जानें उम्र के अनुसार सैर का कड़ा विधिक पैमाना और इसके 5 महा-लाभ
Fitness Guide: फिट रहने के लिए किसे रोजाना कितने किलोमीटर चलना चाहिए? जानें उम्र के अनुसार सैर का कड़ा विधिक पैमाना और इसके 5 महा-लाभ
नई दिल्ली: आज की आधुनिक और भागदौड़ भरी जीवनशैली में खुद को निरोग और चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पैदल चलना (Walking) सबसे सरल, सुलभ और कड़ा असरदार तरीका माना जाता है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह कड़ा सवाल रहता है कि एक स्वस्थ शरीर के लिए रोजाना कितने किलोमीटर या कितने समय तक चलना अनिवार्य है?
चिकित्सा विशेषज्ञ और विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययन (Studies) यह स्पष्ट करते हैं कि पैदल चलने की कोई एक आदर्श दूरी हर व्यक्ति के लिए एक समान नहीं हो सकती; यह पूरी तरह से व्यक्ति की उम्र, वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उसकी शारीरिक क्षमता पर निर्भर करती है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए सैर करने के अलग-अलग मानक निर्धारित किए गए हैं.
🗺️ उम्र के अनुसार वॉकिंग विन्यास: किसे कितना चलना चाहिए?
आसान भाषा में समझें तो प्रतिदिन कितने किलोमीटर चलना चाहिए, इसका कोई एक तय या कड़ा सार्वभौमिक नियम नहीं है. परंतु, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार इसका एक विधिक पैमाना तय किया गया है:
1. वयस्कों के लिए (उम्र 18 से 64 वर्ष)
- साप्ताहिक मानक: इस आयु वर्ग के लोगों को प्रति सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम गति वाली फिजिकल एक्टिविटी (जैसे तेज पैदल चलना) जरूर करनी चाहिए.
- दैनिक किलोमीटर का विन्यास: यदि इस समय को हम दैनिक दूरी में बदलें, तो एक सामान्य गति से चलने वाला व्यक्ति रोजाना लगभग 3 से 5 किलोमीटर की सैर करके इस कड़े स्वास्थ्य लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकता है
2. बच्चों और टीनएजर्स के लिए (उम्र 5 से 17 वर्ष)
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दैनिक मानक: बढ़ते बच्चों और किशोरों के शारीरिक विकास के लिए रोजाना कम से कम 60 मिनट (1 घंटा) की मध्यम से तीव्र फिजिकल एक्टिविटी की कड़क सलाह दी जाती है.
3. बुजुर्गों के लिए (उम्र 65 वर्ष या उससे अधिक)
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वॉकिंग व बैलेंस विन्यास: 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी सप्ताह में 150 मिनट का ही लक्ष्य है. हालांकि, इन्हें पैदल चलने के साथ-साथ अपने शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखने और मांसपेशियों को कड़ा करने वाली हल्की एक्सरसाइज भी करनी चाहिए, ताकि उम्र बढ़ने के साथ गिरने और हड्डियों में चोट लगने का खतरा कम हो सके.
रोजाना सैर करने के 5 अद्भुत और कड़े स्वास्थ्य लाभ
रोजाना नियम से वॉक करने पर मानव शरीर को निम्नलिखित विधिक और चिकित्सीय लाभ प्राप्त होते हैं
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p data-path-to-node=”17″>[दैनिक वॉक] ──► कैलोरी बर्न (वजन नियंत्रण) ──► सुदृढ़ हार्ट हेल्थ
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└──► ब्लड शुगर संतुलन ──► मजबूत इम्यूनिटी व जोड़ों की सुरक्षा
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कैलोरी बर्न और वजन प्रबंधन (Weight Management): हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना सैर करने से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी तेजी से बर्न होती है, जिससे वजन को नियंत्रित रखने या कम करने में कड़क मदद मिलती है. हालांकि, आपकी कितनी कैलोरी बर्न होगी, यह आपकी वॉकिंग स्पीड, दूरी (किलोमीटर) और आपके कुल वजन पर विधिक रूप से निर्भर करता है.
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मजबूत हार्ट हेल्थ (Heart Health): नियमित सैर करने से कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) पूरी तरह नियंत्रित रहता है. जैसे-जैसे आप अपने चलने का समय या किलोमीटर बढ़ाते हैं, वैसे-वैसे दिल की बीमारियों (Heart Diseases) का कड़ा खतरा लगातार कम होता जाता है.
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ब्लड शुगर पर कड़ा नियंत्रण: भोजन (खाना) खाने के तुरंत बाद थोड़ी देर की हल्की सैर भी बढ़े हुए ब्लड शुगर को तेजी से कम करने में मदद करती है. साल 2022 की एक वैज्ञानिक स्टडी के अनुसार, दिनभर में बीच-बीच में थोड़े समय के लिए खड़े होना और हल्की-फुल्की सैर करना, भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाले रक्त शर्करा (Glucose Level) को संतुलित बनाए रखने में बेहद कड़ा और कारगर पाया गया है.
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जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से राहत: पैदल चलना आपके शरीर के जोड़ों, विशेषकर घुटनों (Knees) की सुरक्षा के लिए एक विधिक ढाल की तरह काम करता है. यह जोड़ों को सहारा देने वाली आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. इसके अलावा, गठिया (आर्थराइटिस) के कड़े दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए भी डॉक्टर नियमित टहलने की सलाह देते हैं.
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रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boost): रोजाना सैर करने से शरीर मौसमी बीमारियों, जैसे सर्दी, खांसी, फ्लू और अन्य वायरल संक्रमणों से सुरक्षित रहता है. वर्ष 2018 में किए गए एक शोध (Study) में यह कड़ा प्रमाण मिला है कि जो लोग लगातार या नियमित व्यायाम/सैर करते हैं, उनकी इम्यूनिटी प्राकृतिक रूप से बूस्ट होती है और शरीर की संक्रमणों से लड़ने की विधिक शक्ति कई गुना बढ़ जाती है.








