कटनी । कटनी जिले के जनजातीय एवं अनुसूचित जाति वर्ग के शासकीय छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों व आश्रमों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए अब ‘परख’ (PARAKH) ऐप के जरिए हर गतिविधि और व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी।
58 संस्थाओं के निरीक्षण के लिए वरिष्ठ अधिकारी तैनात
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले की कुल 58 शासकीय आवासीय संस्थाओं, छात्रावासों और आश्रमों के नियमित निरीक्षण के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।कलेक्टर की सख्त चेतावनी- छात्रावासों और आश्रमों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, ‘परख’ ऐप से होगी ऑनलाइन निगरानी
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मासिक निरीक्षण अनिवार्य: तैनात किए गए अधिकारियों को हर महीने आवंटित संस्थाओं का भौतिक निरीक्षण करना होगा।
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ऑनलाइन रिपोर्टिंग: निरीक्षण के बाद अधिकारियों को ‘परख’ ऐप पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे जिला स्तर पर व्यवस्थाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-time Monitoring) संभव हो सकेगी।
खाद्यान्न, सुरक्षा और साफ-सफाई पर रहेगा विशेष जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं की गहन जांच की जाए:
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सुरक्षा एवं स्वच्छता: छात्रावासों में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं तथा परिसर में साफ-सफाई का क्या स्तर है।
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गुणवत्तापूर्ण भोजन: विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन (नाश्ता व खाना) की गुणवत्ता और मेनू का कड़ाई से पालन।
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मूलभूत सुविधाएं: पेयजल, बिजली, शौचालय, अध्ययन सामग्री और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की उपलब्धता।
प्रशासन के इस कड़े कदम से छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और अव्यवस्था फैलाने वाले कर्मचारियों पर सीधी नजर रखी जा सकेगी।