प्रयागराज में फर्जी डिग्री पर वकील बने 39 अधिवक्ताओं पर FIR दर्ज; 105 वकीलों पर गिरेगी गाज

प्रयागराज में फर्जी डिग्री पर वकील बने 39 अधिवक्ताओं पर FIR दर्ज; 105 वकीलों पर गिरेगी गाज

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से कानून व्यवस्था और वकालत के पेशे से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जाली अंकपत्रों (Fake Marksheets) के आधार पर वकालत का प्रमाण पत्र (COP – Certificate of Practice) हासिल करने के आरोप में 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश बार काउंसिल (State Bar Council of UP) की ओर से मिली आधिकारिक तहरीर के आधार पर की जा रही है।

 105 अधिवक्ताओं के खिलाफ शिकायत, चरणबद्ध दर्ज हो रही FIR

सिविल लाइंस थाना के प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय यादव ने बताया कि राज्य विधिज्ञ परिषद के सचिव आर.के. शुक्ला ने कुल 105 ऐसे वकीलों की सूची व तहरीर सौंपी है, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट के जरिए सीओपी (COP) हासिल किया और अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई जांच

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक सख्त रुख के बाद हुआ। अदालत में ‘मोहम्मद कफील बनाम उप्र सरकार’ मामले की सुनवाई के दौरान 3 जून 2026 को दिए गए आदेश में निर्देश दिया गया था कि बार काउंसिल में पंजीकृत ऐसे सभी अधिवक्ता जिनकी डिग्रियां सत्यापन (Verification) में फर्जी पाई जाएं, उनके खिलाफ तत्काल पुलिस में मामला दर्ज कराया जाए।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी बार काउंसिल ने जांच का दायरा बढ़ाया और सैकड़ों वकीलों द्वारा रजिस्ट्रेशन के दौरान लगाई गई अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की डिग्रियों की जांच शुरू करवाई। जांच में उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान समेत अन्य राज्यों के संस्थानों की जाली डिग्रियों का सच सामने आया।

 केस स्टडी: सहारनपुर के दीपक कश्यप पर BNS की धाराओं में केस

पुलिस द्वारा सहारनपुर निवासी अधिवक्ता दीपक कश्यप के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार, उन्होंने सीओपी आवेदन के साथ जो डिग्री लगाई थी, उसे सत्यापन के लिए श्रीधर विश्वविद्यालय (पिलानी, राजस्थान) भेजा गया था। विश्वविद्यालय से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जमा की गई मार्कशीट गलत, असत्य व फर्जी है।

दर्ज की गई धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:

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