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कटनी: व्यावसायिक शिक्षा के तहत विद्यार्थियों को मिला ‘जीरो बजट जैविक खेती’ और मिट्टी परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण

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कटनी: व्यावसायिक शिक्षा के तहत विद्यार्थियों को मिला ‘जीरो बजट जैविक खेती’ और मिट्टी परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण

कटनी: विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कटनी जिले के जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा स्थित शासकीय आर.के. गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुरवारी में एक दिवसीय विशेष कृषि प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया [cite: कटनी (10 अगस्‍त) – विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को जैविक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण शासकीय आर.के. गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुरवारी (जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा) में आयोजित हुआ।]।

स्कूल के प्राचार्य श्री संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि (Agriculture) विषय पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाइव डेमो एवं व्यावहारिक ज्ञान दिया गया [cite: प्राचार्य श्री संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री रामसुख दुबे ने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं कम लागत वाली कृषि तकनीकों की जानकारी दी।]।

 जीरो बजट फार्मिंग और पोषक तत्व प्रबंधन पर दिया गया जोर

कार्यशाला में जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री रामसुख दुबे ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और छात्रों को कम लागत में अधिक उत्पादन लेने के सूत्र बताए [cite: प्राचार्य श्री संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री रामसुख दुबे ने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं कम लागत वाली कृषि तकनीकों की जानकारी दी।]:

मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) और जैविक कीट नियंत्रण की विधि

प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने छात्रों को खेतों से मिट्टी का नमूना (Soil Sample) लेने की सही और वैज्ञानिक विधि का अभ्यास कराया।

इसके साथ ही, फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों—जैसे काटने, कुतरने, रस चूसने वाले तथा फल छेदक कीटों की पहचान करना और रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक कीटनाशकों (Organic Pesticides) के उपयोग व नियंत्रण के उपाय सिखाए गए [cite: विद्यार्थियों को फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीटों जैसे काटने, कुतरने, रस चूसने एवं फल छेदक कीटों की पहचान एवं नियंत्रण के उपाय भी बताए गए।]।

विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि जैविक कृषि से बाजार पर किसानों की निर्भरता कम होती है और उत्पादन लागत घटने से मुनाफा बढ़ता है [cite: विशेषज्ञों ने बताया कि जैविक खेती अपनाने से लागत में कमी आती है और बाजार पर निर्भरता घटती है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है।]। इस पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन में व्यावसायिक शिक्षक श्री महेंद्र दोहरे का विशेष योगदान रहा।

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