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तेज, सस्ता और भरोसेमंद: भारतीय रेलवे का माल ढुलाई में बदलाव और भविष्य की तैयारी

तेज, सस्ता और भरोसेमंद: भारतीय रेलवे का माल ढुलाई में बदलाव और भविष्य की तैयारी, नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026: भारत ने 2030 तक 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है, जिसमें भारतीय रेलवे की केंद्रीय भूमिका होगी।

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तेज, सस्ता और भरोसेमंद: भारतीय रेलवे का माल ढुलाई में बदलाव और भविष्य की तैयारी

 रेलवे की वर्तमान हिस्सेदारी

एसोचैम-एईएससीएलए की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में रेलवे की हिस्सेदारी लगभग 30% है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, विद्युतीकरण और सुधारों से इसकी क्षमता और तेजी बढ़ रही है।
माल ढुलाई अब तेज, सस्ती और भरोसेमंद बन रही है।

 जीडीपी और लॉजिस्टिक्स पर प्रभाव

रेलवे की वर्तमान हिस्सेदारी देश की GDP का करीब 7.97% है।क्षमता बढ़ाने, फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार, निजी क्षेत्र की भागीदारी और बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर ध्यान देने से लागत कम होगी।लॉजिस्टिक्स लागत घटने से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।

मौजूदा माल ढुलाई

भारतीय रेलवे हर साल 1.6 अरब टन से अधिक माल ढुलाई कर रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत सुधार और डिजिटलीकरण के चलते इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।भारतीय रेलवे 2030 तक माल ढुलाई का केंद्रीय इंजन बनने की राह पर है। सुधार, फ्रेट कॉरिडोर और नई तकनीक से देश की आर्थिक गति और प्रतिस्पर्धा में तेजी आएगी तेज, सस्ता और भरोसेमंद: भारतीय रेलवे का माल ढुलाई में बदलाव और भविष्य की तैयारी

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम