Election Commission Big Update: देश के 19 राज्यों में शुरू होगा ‘महा-सत्यापन’ अभियान; 36 करोड़ से ज्यादा वोटर्स के घर पहुंचेंगे अधिकारी, देखें आपके राज्य का शेड्यूल
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Election Commission Big Update: देश के 19 राज्यों में शुरू होगा ‘महा-सत्यापन’ अभियान; 36 करोड़ से ज्यादा वोटर्स के घर पहुंचेंगे अधिकारी, देखें आपके राज्य का शेड्यूल, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और सटीक बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण का बिगुल फूंक दिया है। इस अभियान के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने जनगणना के हाउस लिस्टिंग अभियान को ध्यान में रखते हुए यह शेड्यूल तैयार किया है। अभियान को मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों में बांटा गया है:
ग्रुप A (ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर): यहां 30 मई से 28 जून 2026 तक घर-घर सत्यापन चलेगा। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को जारी होगी।
ग्रुप B (महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, झारखंड, हरियाणा आदि): इन राज्यों में जून के अंत से प्रक्रिया शुरू होगी और 7 अक्टूबर 2026 को फाइनल लिस्ट आएगी।
अपवाद: बर्फबारी और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
लाखों अधिकारियों की फौज उतरेगी मैदान में
मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाने और नए पात्र लोगों को जोड़ने के लिए आयोग ने भारी-भरकम अमला तैनात किया है:
3.94 लाख BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) आपके घर की घंटी बजाएंगे।
3.42 लाख BLA (राजनीतिक दलों के एजेंट) इस प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।
पहले दो चरणों में पहले ही 59 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण पूरा किया जा चुका है।
महाराष्ट्र और दिल्ली में सबसे ज्यादा जोर
आंकड़ों के लिहाज से इस चरण में महाराष्ट्र सबसे बड़ा राज्य है, जहां 9.86 करोड़ वोटर्स का सत्यापन होना है। इसके अलावा
कर्नाटक: 5.55 करोड़ मतदाता
आंध्र प्रदेश: 4.16 करोड़ मतदाता
तेलंगाना: 3.39 करोड़ मतदाता
दिल्ली: 1.48 करोड़ मतदाता (यहां 13 हजार से ज्यादा BLO तैनात होंगे)
क्यों जरूरी है यह SIR अभियान?
चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मतदाता का नाम दो जगह न हो, मृतकों या शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम सूची से हटें और 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर युवा का नाम जोड़ा जा सके। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) जरूर नियुक्त करें ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष बनी रहे।