Diwali 2023 : दीपावली पर कटनी से बाहर जाना है तो करें यह काम । दीपावली पर यदि शहर से बाहर जाने की योजना बनाई है तो वापसी के लिए ट्रेन का टिकट बुक करा लें। ऐसा न हो कि दीपावली के बाद घर वापसी के लिए परेशान हो जाएं। क्योंकि दीपावली की रात से ही बसों का संचालन बंद हो जाएगा। दरअसल, पांच दिवसीय पर्व के दौरान 12 नवंबर को दीपावली की रात से बस चालक-परिचालक त्योहार मनाने अवकाश पर चले जाते हैं वहीं दीपावली के दूसरे दिन परीवा में भी बसों का संचालन नहीं होता है।
14 नवंबर से ही यात्री बसों का अधिग्रहण भी शुरू हो जाएगा
इस बार विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए मतदान दलों को मतदान केंद्रों तक छोड़ने और वापस लाने के लिए पर्व के तीसरे दिन 14 नवंबर से ही यात्री बसों का अधिग्रहण भी शुरू हो जाएगा। आरटीओ को 732 बसों के अधिग्रहण की जिम्मेदारी दी गई है। लिहाजा ये माना जा रहा है कि 14 नंवबर से बसों का अधिग्रहण किया जाएगा और मतदान के बाद 18 नवंबर को बसों को छोड़ा जाएगा। यानी 12 से 17 नवंबर तक बसों से यात्रा करने वालों की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि कुछ रूटों पर एक-दो बसों का संचालन होता रहेगा ताकि यात्रियों को कुछ राहत मिलती रहे।
स्कूल बसों पर रहेगा फोकस
चुनाव के दौरान यात्रियों को आवागमन के लिए परेशानी न हो इसके लिए अधिक से अधिक स्कूल बसों को अधिग्रहित करने पर जोर दिया जा रहा है। 732 बसों में से 300 स्कूल बसें अधिग्रहित की जाएगी। इसके पीछे कारण ये बताया जात रहा है कि कई कुंडम, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा सहित कई जिले ऐसे हैं जहां जबलपुर से आवागमन के लिए ट्रेन की सुविधा नहीं है लोग बसों पर ही निर्भर है लिहाजा ऐसे रूट की कम से कम बसें अधिग्रहित की जाएंगी।
इस बार कृषि विश्वविद्यालय में ही की जाएंगी खड़ी
चुनाव के लिए अधिग्रहित की जाने वाली बसों को इस बार दरीखाना स्थित होमगार्ड कार्यालय की जगह आधारताल स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर में ही खड़ा कराया जाएगा। क्योंकि शहर की यातायात व्यवस्था को देखते हुए इस बार मतदान सामग्री का वितरण केंद्र और स्ट्रांग रूम के अलावा मतगणना स्थल भी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में ही बनाया गया है।
दीपावली में सुबह एक फेरा लगाकर खड़ी जाएंगी बसें
इसके पहले दीपावली पर्व पर सुबह तो बसों का संचालन होगा लेकिन बसें एक फेरा ही लगाएंगी। बस आपरेटरों की मानें तो कटनी, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह जाने वाली बसें सुबह यात्रियों को लेकर जाएंगी और एक फेरा लगाने के बाद वापस आकर अंतरराज्यीय बस टमिर्नल में खड़ी कर दी जाएगी। जबकि लंबी दूरी की बसें गंतत्व पर ही खड़ी हो जाएंगी। 13 नवंबर को दूसरे दिन परीवा में बसों का संचालन बंद रहेगा। तीसरे दिन 14 नवंबर से जब बसों का संचालन शुरू होगा तब बसों के अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।
450 बसों का होता हैं संचालन
विदित हो कि जबलपुर से कटनी, मंडला, डिंडौरी, कुंडम, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर,रीवा, सीधी, अमरकंटक के अलावा प्रयागराज, नागपुर, रायपुर, दुर्ग के लिए करीब 450 यात्री बसों का संचालन किया जाता है।
