दिल्ली दंगा: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार, कड़कड़डूमा कोर्ट का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए भीषण सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के युवा अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में सोमवार (13 जुलाई) को दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस पूरे हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया है।
ताहिर हुसैन समेत 11 लोग थे आरोपी
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण कुमार ने इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले पर फैसला सुनाते हुए ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया।
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मार्च 2023 में तय हुए थे आरोप: इस पूरे मामले में ताहिर हुसैन सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने मार्च 2023 में इन सभी के खिलाफ हत्या ($IPC\ Sec\ 302$), दंगा भड़काने ($Sec\ 147/148$) और धार्मिक विद्वेष फैलाने जैसी संगीन और गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
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सजा पर बहस जल्द: अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी दोषियों की सजा की अवधि (Quantum of Sentence) पर जल्द ही कोर्ट में बहस शुरू होगी, जिसके बाद सजा का एलान किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला? (अंकित शर्मा हत्याकांड)
फरवरी 2020 में जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रही थी, उसी दौरान यह खौफनाक वारदात हुई थी:
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नाले में मिला था शव: दंगों के दौरान ड्यूटी पर तैनात आईबी अधिकारी अंकित शर्मा अचानक लापता हो गए थे। इसके अगले दिन (26 फरवरी 2020) उनका क्षत-विक्षत शव चांद बाग पुलिया के पास एक गंदे नाले से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि उनके शरीर पर चोटों और चाकुओं के दर्जनों गहरे निशान थे।
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ताहिर के घर से हुई थी साजिश: अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दिल्ली के दयालपुर थाने में ताहिर हुसैन और अन्य दंगाइयों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। जांच और अभियोजन पक्ष (Prosecution) की दलीलों के अनुसार, चांद बाग इलाके में भीड़ को उकसाने, अपने घर की छत से पथराव-पेट्रोल बम फिंकवाने और अंकित शर्मा की हत्या की पूरी साजिश रचने में ताहिर हुसैन की मुख्य भूमिका थी। अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को 6 साल बाद इंसाफ की पहली बड़ी उम्मीद मिली है।
