MP में प्रमोशन में आरक्षण का मामला: हाई कोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार; अब स्पेशल बेंच करेगी ‘अंतिम सुनवाई’
जबलपुर: मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण (Promotion in Reservation) को लेकर चल रही सालों पुरानी और बहुचर्चित कानूनी जंग सोमवार को एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने फिलहाल प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगाने या किसी भी पक्ष को किसी प्रकार की अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब इस संवेदनशील और बड़े मामले की सीधे ‘अंतिम सुनवाई’ (Final Hearing) की जाएगी। एमपी में प्रमोशन में आरक्षण का मामला: हाई कोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार; अब स्पेशल बेंच करेगी ‘अंतिम सुनवाई’
एक-दो दिन में गठित होगी स्पेशल बेंच
हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया है कि इस पर अब नियमित रूप से सुनवाई के लिए एक विशेष खंडपीठ (Special Bench) का गठन किया जाएगा।
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इसी सप्ताह सुनवाई की संभावना: कोर्ट के अनुसार, स्पेशल बेंच का गठन अगले एक-दो दिन के भीतर कर दिया जाएगा। पूरी संभावना जताई जा रही है कि इसी सप्ताह (करंट वीक) के भीतर मामले पर अंतिम बहस और सुनवाई शुरू हो सकती है।
जस्टिस विवेक रूसिया ने खुद को सुनवाई से किया अलग (Recuse)
सोमवार को इस मामले में उस वक्त एक अप्रत्याशित मोड़ आया, जब सुनवाई कर रहे माननीय न्यायाधीश ने खुद को केस से अलग कर लिया।
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बेंच के सामने चल रही थी दलीलें: यह सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच के सामने चल रही थी। दोनों पक्षों (आरक्षण समर्थकों और विरोधियों) के वकील अंतरिम राहत और स्टे को लेकर अपनी-अपनी जोरदार दलीलें पेश कर रहे थे।
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अधिवक्ता के रूप में पुराना जुड़ाव: बहस के दौरान जैसे ही ‘आरबी राय बनाम मध्य प्रदेश सरकार’ के पुराने मामले का जिक्र आया, तब जस्टिस विवेक रूसिया ने कोर्ट को बताया कि वे पूर्व में एक वकील (अधिवक्ता) के रूप में इस मामले में पैरवी कर चुके हैं।
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निष्पक्षता की मिसाल: न्यायपालिका की उच्च परंपरा और निष्पक्षता बनाए रखने के सिद्धांत का पालन करते हुए जस्टिस विवेक रूसिया ने तुरंत खुद को इस मामले की आगे की सुनवाई से अलग (Recuse) करने की घोषणा कर दी।MP में प्रमोशन में आरक्षण का मामला: हाई कोर्ट का अंतरिम राहत से इनकार; अब स्पेशल बेंच करेगी ‘अंतिम सुनवाई’
अब आगे क्या होगा?
जस्टिस रूसिया के हटने के बाद अब यह मामला नए सिरे से स्पेशल बेंच के सामने जाएगा। मध्य प्रदेश में पिछले कई वर्षों से प्रमोशन में आरक्षण का मामला अटकने के कारण हजारों सरकारी कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो रहे हैं, जबकि कई विभागों में काम प्रभावित हो रहा है। अब सबकी नजरें इसी हफ्ते गठित होने वाली स्पेशल बेंच और उसकी अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं।
