Delhi CM Announced : दिल्ली को मिलेगा नया CM! BJP ने अपनाई राजस्थान-MP वाली नीति, जानें चयन प्रक्रिया।

Delhi CM Announced : दिल्ली को मिलेगा नया CM! BJP ने अपनाई राजस्थान-MP वाली नीति, जानें चयन प्रक्रिया। दिल्ली के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हुए 12 दिन हो चुके हैं। उम्मीद की जा रही है कि आज भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद भाजपा राजधानी में अपने मुख्यमंत्री चेहरे का एलान कर देगी। इतिहास को देखा जाए तो कुछ हालिया चुनावों में भी भाजपा ने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया, बल्कि नतीजे आने के बाद ही पार्टी ने सीएम के नाम का एलान किया। फिर चाहे राजस्थान की बात हो या मध्य प्रदेश की।
Delhi CM Announced : दिल्ली को मिलेगा नया CM! BJP ने अपनाई राजस्थान-MP वाली नीति, जानें चयन प्रक्रिया।
ऐसे में यह जानना अहम है कि दिल्ली के चुनाव से पहले कहां-कहां भाजपा ने जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के नाम के एलान के लिए कुछ इसी तरह देरी की? उन राज्यों में कौन-कौन दावेदार थे और किसका चुनाव हुआ था? इसके लिए भाजपा में कैसे जद्दोजहद चली थी। इसके अलावा दिल्ली में इस बार कौन-कौन मुख्यमंत्री पद का दावेदार है? आइये जानते हैं…
बीते वर्षों में कहां-कहां चुनाव में भाजपा की जीत?
भाजपा ने बीते कुछ वर्षों में जहां-जहां जीत हासिल की है, उनमें हरियाणा, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश अहम हैं। इन सभी राज्यों में भाजपा के कुछ कद्दावर नेता तो कुछ नए चेहरे मुख्यमंत्री हैं।
- महाराष्ट्र
दिल्ली से पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा की सबसे ताजा जीत महाराष्ट्र में आई। यहां पार्टी ने विधानसभा चुनाव शिवसेना और राकांपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। महायुति ने यहां 288 में से 235 सीटों पर जीत हासिल की। अकेले भाजपा ने इनमें से 132 सीटें जीतीं। वहीं, शिंदे शिवसेना को 57 और अजित पवार की राकांपा को 41 सीटों पर जीत मिली।
महाराष्ट्र में 23 नवंबर को नतीजे आ गए थे। भाजपा इसमें सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, यह चुनाव शिवसेना नेता-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी योजनाओं के चेहरे पर लड़ा गया था। ऐसे में महायुति में सीएम पद को लेकर गहन मंथन हुआ। आखिरकार 11 दिन बाद फडणवीस को महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने का एलान किया गया। महायुति में यह फैसला शिंदे को मनाने के बाद ही हुआ।
- हरियाणा
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 अक्तूबर 2025 को हुआ था। राज्य में 8 अक्तूबर को नतीजों का एलान हुआ। इसमें भाजपा ने एग्जिट पोल्स में हुए दावों को गलत साबित करते हुए 90 में से 49 सीटें हासिल की थीं। भाजपा ने इन चुनावों से पहले किसी मुख्यमंत्री के चेहरे का एलान नहीं किया था। हालांकि, चुनाव तब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चेहरे पर ही लड़ा गया था।
हरियाणा में नतीजे पक्ष में आने के बावजूद भाजपा ने यहां मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर मुहर लगाने में 8 दिन ले लिए। 16 अक्तूबर को राज्य में विधायक दल की बैठक के बाद एक बार फिर नायब सैनी को ही सीएम बनाने का एलान हुआ।
- ओडिशा
देश में 2024 के लोकसभा चुनाव के एलान के साथ ही ओडिशा में विधानसभा चुनावों का एलान हो गया। राज्य में चार चरण में मतदान कराए गए। राज्य में नतीजों का एलान 4 जून को ही हो गया। हालांकि, सीएम चेहरे के एलान में यहां भी 7 दिन का समय लग गया। मोहन चरण माझी का शपथग्रहण नतीजों के आठ दिन बाद 12 जून को हुआ। गौरतलब है कि भाजपा ने यहां भी सीएम पद के चेहरे का एलान नहीं किया था।
ओडिशा में इससे पहले 24 साल से बीजू जनता दल का शासन रहा और नवीन पटनायक मुख्यमंत्री रहे। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। भाजपा ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 78 सीटें जीतीं और राज्य में पहली बार बहुमत हासिल किया।
- अरुणाचल
अरुणाचल प्रदेश में भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 60 में से 46 सीटें हासिल की थीं। यहां 10 सीटों पर तो भाजपा के विधायक निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इनमें 2016 से राज्य के मुख्यमंत्री रहे पेमा खांडू का भी नाम शामिल रहा। लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की वजह से पेमा खांडू के सामने भाजपा का कोई भी नेता चुनौती देता नहीं दिखा।
जिन दूसरी पार्टी के नेताओं से पेमा खांडू को चुनौती मिलने की बात कही जा रही थी, उनमें नेशनल पीपल्स पार्टी के थंगवांग वांघम और राकांपा के लिखा साया शामिल रहे। हालांकि, भाजपा ने विधानसभा चुनावों में एकतरफा जीत हासिल की थी, जिससे इन नेताओं की दावेदारी हवा हो गई।
- मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 17 नवंबर को वोट डाले गए थे। इसके नतीजे 30 नवंबर को जारी हुए थे। नतीजों में भाजपा को प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल हुई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा के हिस्से में 163 सीटें आईं, जबकि कांग्रेस को 66 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। भाजपा ने यह चुनाव मध्य प्रदेश के चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लड़ा था।
मध्य प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद सियासी हलकों में चर्चा थी कि शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, कई सांसदों के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ने की वजह से ऐसी अटकलें लगने लगी थीं कि भाजपा किसी और बड़े चेहरे को मध्य प्रदेश का सीएम बना सकती है। हालांकि, पार्टी ने नतीजों के करीब 8 दिन बाद उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का एलान किया। उन्होंने 13 दिसंबर को शपथ ले ली।
- छत्तीसगढ़
मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आ गए थे। इसमें भाजपा ने राज्य की 90 में से 54 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, कांग्रेस को 35 सीटें हासिल हुईं। भाजपा ने इस चुनाव में किसी चेहरे का एलान नहीं किया था।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले तीन बार के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह को मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा था। उनके सीएम बनने की संभावना कितनी प्रबल थी, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विधायक दल की बैठक में शामिल होने से पहले उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ में डिप्टी सीएम भी बनेंगे। हालांकि, विष्णुदेव साय को सीएम बनाए जाने के एलान के बाद पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यमंत्री पद के लिए विष्णुदेव साय के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल की बैठक के दौरान रमन सिंह के पास एक कॉल आई थी और उन्होंने बाहर जाकर बात की। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कॉल दिल्ली से आया था।
- राजस्थान
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की तरह ही राजस्थान में भी 3 दिसंबर 2023 को नतीजों की घोषणा हुई। राजस्थान की 200 सीटों में से भाजपा ने 115 पर कब्जा जमाया। वहीं, कांग्रेस को 70 सीटें ही मिल पाईं। भाजपा की चुनाव में जीत के साथ ही राज्य में एक बार फिर वसुंधरा राजे को सीएम बनाए जाने की अटकलें लगने लगी थीं।
चौंकाने वाली बात यह है कि राजस्थान में जब मुख्यमंत्री पद के चेहरों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। तब इस चर्चा में सांसदों से लेकर कई कद्दावर विधायकों तक का नाम था। हालांकि, सीएम के लिए भजनलाल शर्मा के नाम पर इक्का-दुक्का जगह ही चर्चा हुई। यहां तक कि 15 दिसंबर को विधायक दल की बैठक से पहले हुए फोटो सेशन में वे चौथी पंक्ति में बैठे थे। इसके कुछ देर बाद भाजपा ने उनका नाम प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के लिए घोषित कर दिया।
- दिल्ली
दिल्ली का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका पता आज चल सकता है। दिल्ली में भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक आज होगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। इसके बाद पार्टी नेता उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे और 20 फरवरी को रामलीला मैदान में नई सरकार का शपथग्रहण होगा। सीएम पद के लिए अब भी सस्पेंस जारी है। सरकार की कमान किसके हाथ होगी, इसका खुलासा मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ की तर्ज पर विधायक दल की बैठक में ही होगा।








