Covishield Vaccine Update: पुणे में इतने लोगों को लगाई जा रही वैक्सीन, जानें क्या है अपडेट

कोरोना महामारी से जंग के बीच दुनिया अब धीरे-धीरे इससे उबरने की ओर अग्रसर हो रही है। कई देशों के वैज्ञानिकों को दवा और वैक्सीन तैयार करने में कामयाबी मिल रही है। कई देशों में अलग-अलग तरह की वैक्सीन विकसित की जा रही है। रूस और चीन में वैक्सीन तैयार कर ली है तो वहीं दूसरी ओर भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी आदि देशों में जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध होगी। भारत में तीन वैक्सीन आगे चल रही है, जिनमें से एक प्रमुख है ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन।
कंपनी भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार कर रही हैं। भारतीय कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया इस वैक्सीन को भारत में कोविशील्ड (AZD1222) के नाम से लॉन्च कर रही है। वैक्सीन पर ताजा अपडेट यह है कि पुणे में आज इस वैक्सीन का फेज-2 का हृयूमन ट्रायल शुरू हुआ है।
महाराष्ट्र के पुणे में आज यानी बुधवार से इसके फेज-2 का हृयूमन ट्रायल शुरू हो रहा है। खबरों के मुताबिक बुधवार की दोपहर भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में छह लोगों को इस वैक्सीन की डोज दी जाएगी। अगर परिणाम सकारात्मक रहा तो करीब 300 से 350 लोगों यह वैक्सीन दी जाएगी।
पुणे स्थित भारती विद्यापीठ के मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय लालवानी के मुताबिक, ट्रायल के लिए छह व्यक्तियों को चुना गया है, जिन लोगों की स्क्रीनिंग करने के बाद आरटी-पीसीआर जांच और एंटीबॉडी परीक्षण भी किए गए। उन्हें उम्मीद है कि वैक्सीन के ट्रायल का सकारात्मक परिणाम रहेगा।
मालूम हो कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने देश में वैक्सीन की एक बिलियन खुराक का उत्पादन करने के लिए ब्रिटिश-स्वीडिश दवा फर्म एस्ट्राजेनेका के साथ समझौता किया है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, अबतक हुए ट्रायल में यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार साबित हुई है।
मालूम हो कि ब्रिटेन की ओर से किए गए पहले और दूसरे फेज के ट्रायल में असरदार साबित होने के बाद भारत में भी इसके दूसरे और तीसरे फेज के ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मिली है। शीर्ष दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने बीते तीन अगस्त को ही देश में हृयूमन ट्रायल के लिए सीरम इंडिया को इजाजत दे दी है।
कोविशील्ड वैक्सीन कबतक उपलब्ध होगी, इस बारे में पहले खबरें आ रही थीं कि 73 दिन बाद ही यह वैक्सीन बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन बाद में कंपनी ने स्पष्ट कर दिया कि यह केवल कयास भर है, पुष्ट सूचना नहीं है। सीरम इंस्टिट्यूट ने कहा है कि कंपनी को सरकार से वैक्सीन के उत्पादन की अनुमति मिली है, लेकिन भविष्य में इस्तेमाल के लिए। कंपनी ने कहा है कि वैक्सीन बाजार में तभी आएगी, जब ट्रायल सफल हों और नियामक एजेंसी से मान्यता मिल जाए।








