Latestमध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में निगम मंडल व एल्डरमैन नियुक्तियां जल्द, मकर संक्रांति के बाद जारी हो सकती है सूची

भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम मंडल और एल्डरमैन (पार्षद) की नियुक्तियों की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री निवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठकों में नामों पर गहन विचार-विमर्श के बाद एक सूची तैयार कर ली गई है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही नियुक्तियों की सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि मकर संक्रांति के बाद इन नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है।

अंतिम दौर में प्रक्रिया

प्रदेश में एल्डरमैन और निगम मंडलों की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई थी। अब यह प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठकों में जिलावार नामों पर चर्चा की गई और संगठन व सरकार के बीच समन्वय बनाते हुए सूची को अंतिम रूप दिया गया है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व से मंजूरी एक साथ न होकर चरणबद्ध तरीके से मिल सकती है, जिसके चलते नाम भी क्रमशः जारी किए जाएंगे।

कार्यकर्ताओं और असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति
इन नियुक्तियों में पार्टी के उन कार्यकर्ताओं और नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें जिला कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिल सका है। इसके जरिए संगठन में संतुलन बनाए रखने और नाराजगी दूर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सामाजिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बन सके।

बड़े नगर निगमों में अधिक एल्डरमैन

संभावित नियुक्तियों के अनुसार प्रदेश के बड़े नगर निगमों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर—में 12-12 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। वहीं कटनी सहित अन्य नगर निगमों में 8-8 एल्डरमैन बनाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में भी एल्डरमैन की नियुक्तियां की जाएंगी।

राजनीतिक महत्व

एल्डरमैन और निगम मंडल की नियुक्ति को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। इसके माध्यम से पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को उपकृत करने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। कुल मिलाकर, लंबी प्रतीक्षा के बाद अब प्रदेश में निगम मंडल और एल्डरमैन नियुक्तियों का रास्ता साफ होता दिख रहा है, और मकर संक्रांति के बाद इसकी औपचारिक घोषणा से प्रदेश की सियासत में नई हलचल देखने को मिल सकती है।

Back to top button