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Corona इलाज के लिए निधि से 25 लाख से ज्यादा दे सकेंगे विधायक, बदलेगी निधि आवंटन नियमावली

लखनऊ। कोरोना की आपदा से लड़ने के लिए विधायकों ने अपना दिल तो खोल दिया है, लेकिन उनकी निधि के खजाने पर नियमों का ताला जड़ा हुआ है। बेशक, वह बीस-पच्चीस लाख का प्रस्ताव दे चुके हैं, लेकिन मौजदा नियम के अनुसार वह सीमित धनराशि ही इलाज व चिकित्सा सुविधाओं के लिए दे सकते हैं। सरकार निधि आवंटन नियमावली में बदलाव करने जा रही है, जिसके बाद विधायक अपनी निधि से इलाज के लिए 25 लाख रुपये से अधिक दे सकेंगे।

विधायक निधि आवंटन में अभी बंदिश है कि दो करोड़ रुपये की कुल निधि में से इलाज के लिए किसी एक व्यक्ति को अधिकतम पांच लाख रुपये दिए जा सकते हैं। इलाज के साथ ही सरकारी अस्पतालों में कक्ष निर्माण व उपकरण आदि की खरीद के लिए कुल 25 लाख रुपये विधायक निधि से दिए जा सकते हैं।

यह धनराशि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी की संस्तुति पर सीधे नर्सिंग होम या बिल आदि प्रस्तुत करने के बाद दी जाती है। इसके पहले राज्यस्तरीय समिति से स्वीकृति भी जरूरी होती है। व्यक्तिगत इलाज के विधायक निधि से पैसा देने की व्यवस्था सपा शासन में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुरू की थी।

अब जब कोरोना संक्रमण महामारी के रूप में फैल चुका है तो सभी दलों के विधायकों ने चिकित्सा संसाधनों आदि में अपनी निधि से सहयोग की जिम्मेदारी समझी है। उन्होंने पांच लाख रुपये लेकर एक करोड़ रुपये निधि से भुगतान करने के प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को दे रखे हैं।

सूत्रों ने बताया कि कोरोना के चलते हाल ही में केंद्र सरकार ने सांसद निधि आवंटन में बदलाव किया है। इसमें चिकित्सा सुविधाओं के लिए अधिक धनराशि मुहैया कराने और उपकरण व मास्क आदि खरीदने की छूट दी गई है। उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार विधायक निधि आवंटन नियमावली में बदलाव करने जा रही है। इसके तहत विधायक व्यक्तिगत इलाज के लिए प्रति व्यक्ति पांच लाख रुपये और कुल 25 लाख रुपये से अधिक धनराशि चिकित्सा सुविधा की मद में दे सकेंगे।

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