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देरी पर लगाम: MP वित्त विभाग ने फाइल निपटाने के लिए बनाए नए नियम, तय हुई समयसीमा

देरी पर लगाम: MP वित्त विभाग ने फाइल निपटाने के लिए बनाए नए नियम, तय हुई समयसीमा

भोपाल। देरी पर लगाम: MP वित्त विभाग ने फाइल निपटाने के लिए बनाए नए नियम, तय हुई समयसीमा मध्य प्रदेश में अब सरकारी फाइलों को लंबे समय तक दबाकर रखने की प्रवृत्ति पर लगाम लगने वाली है। वित्त विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर अधिकारियों के लिए फाइल निपटाने की सख्त समयसीमा तय कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से जुड़े मामलों की फाइलें अब अधिकतम 10 दिनों के भीतर निपटानी होंगी। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर जिम्मेदारियां भी स्पष्ट कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर देरी या भ्रम की स्थिति न बने।

गाइडलाइन के अनुसार, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों से प्राप्त पत्रों पर तत्काल कार्रवाई करना अनिवार्य होगा और उनका रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसके अलावा कैबिनेट प्रस्ताव तैयार करना, विभागीय अभिमत देना और विभिन्न आयोगों व समितियों की रिपोर्ट पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

फाइल निपटान की समयसीमा भी अलग-अलग मामलों के लिए तय की गई है। नई योजनाओं के प्रस्तावों पर 10 दिन, मेडिकल प्रतिपूर्ति और बजट मामलों में 5 दिन, जबकि मंत्री परिषद से जुड़े प्रस्तावों को 3 दिन के भीतर आगे बढ़ाना होगा।

इसके अलावा वित्त विभाग ने निर्माण कार्यों पर लिए जाने वाले पर्यवेक्षण शुल्क को भी व्यवस्थित कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस व्यवस्था के तहत 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर कुछ मामलों में शुल्क शून्य रहेगा, जबकि बड़े प्रोजेक्ट्स पर निर्धारित दर से शुल्क लिया जाएगा। ()

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, जवाबदेही बढ़ेगी और आम लोगों से जुड़े मामलों का निपटारा समय पर हो सकेगा।

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