जबलपुर में ‘कार्बाइड गन’ की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध: एसपी सम्पत उपाध्याय की अपील- कहीं दिखे तो तत्काल पुलिस को दें सूचना
जबलपुर, yashbharat.com। त्योहारों के सीजन और आम जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संस्कारधानी में खतरनाक साबित हो रही ‘कार्बाइड गन’ (पटाखा गन) के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में कार्बाइड गन की बिक्री, निर्माण, भंडारण, वितरण और सार्वजनिक प्रदर्शन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) सम्पत उपाध्याय ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस जानलेवा उपकरण का उपयोग न करें और यदि कहीं भी इसकी बिक्री या प्रदर्शन होते दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
क्यों खतरनाक है ‘कार्बाइड गन’?
हाल के दिनों में दिवाली व अन्य आयोजनों के दौरान पाइप और कैल्शियम कार्बाइड से बनी इस देशी गन के उपयोग में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी:
विस्फोटक व जानलेवा: कैल्शियम कार्बाइड में पानी मिलाने से अत्यधिक ज्वलनशील ‘एसिटिलीन गैस’ बनती है। पाइप में गैस का दबाव बढ़ने पर होने वाले धमाके से पाइप के परखच्चे उड़ जाते हैं।
गंभीर चोट का खतरा: इसके फटने से बच्चों और आसपास मौजूद लोगों के चेहरे, आंखों और हाथों में गंभीर चोटें लगने तथा दृष्टि जाने तक का खतरा बना रहता है।
ध्वनि प्रदूषण व दहशत: इसकी तेज आवाज से क्षेत्र में दहशत फैलती है और ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन होता है।
एसपी सम्पत उपाध्याय की आमजन से अपील व कड़े निर्देश:
उपयोग न करने की सलाह: एसपी सम्पत उपाध्याय ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस खतरनाक गन को खरीदने और चलाने से रोकें।
पुलिस को दें तत्काल सूचना: जिले में यदि कोई दुकान, व्यापारी या व्यक्ति इसे बेचता, बनाता या सार्वजनिक स्थानों पर इसका प्रदर्शन करता पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई: प्रतिबंध के बावजूद कार्बाइड गन बेचने और उपयोग करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।











