शीतला माता मंदिर सड़क हादसा मामला पहुंचा हाई कोर्ट: प्रशासनिक लापरवाही पर ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर; जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ग्वालियर, yashbharat.com। प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के समीप हाल ही में हुए दर्दनाक सड़क हादसे को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) की ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर की गई है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विभोर कुमार साहू द्वारा जनहित में दायर इस याचिका में हादसे के लिए प्रशासनिक और व्यवस्थागत लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।
याचिका में अदालत से गुहार लगाई गई है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रशासनिक खामियों के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों व विभागों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
याचिका में उठाए गए प्रमुख मुद्दे और प्रशासनिक खामियां
अधिवक्ता विभोर कुमार साहू द्वारा दायर याचिका में मंदिर पहुंच मार्ग और आसपास की यातायात व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं:
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का अभाव: शीतला माता मंदिर जैसे व्यस्त और धार्मिक स्थल के आसपास ट्रैफिक प्रबंधन, बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकरों की भारी अनदेखी की गई।
प्रशासनिक शिथिलता: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था नहीं थी।
अधिकारियों की जवाबदेही तय हो: याचिकाकर्ता ने मांग की है कि केवल वाहन चालक पर कार्रवाई कर मामले को दबाने के बजाय, उन प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए जिनकी लापरवाही से यह दुर्घटना घटित हुई।
स्थायी सुरक्षा नीति की मांग: भविष्य में ऐसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई कोर्ट से दिशा-निर्देश (Guidelines) जारी करने का आग्रह किया गया है।
हाई कोर्ट में जल्द होगी सुनवाई
ग्वालियर खंडपीठ में याचिका स्वीकार कर ली गई है और संभावना जताई जा रही है कि इस पर आगामी दिनों में सुनवाई होगी। इस याचिका के दायर होने के बाद से ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप का माहौल है।











