कलेक्टर ने सीढ़ियों पर सुनी 82 वर्षीय वृद्ध महिला की शिकायत, बड़वारा तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान सामने आया प्रशासन का मानवीय चेहरा
कटनी(YASH BHARAT.COM)। प्रशासनिक गलियारों में अक्सर फाइलें और प्रोटोकॉल हावी रहते हैं लेकिन कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने मंगलवार को एक ऐसी मिसाल पेश की जिसने मानवता और कर्तव्य के बीच के फासले को मिटा दिया। बड़वारा तहसील कार्यालय की सीढ़ियों पर जब एक 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी पीड़ा सुनाई तो कलेक्टर ने किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं बल्कि एक श्रवण कुमार की तरह बैठकर उनकी बात सुनी।
अम्मा को बोलने दो
जनसुनवाई कार्यक्रम समाप्त कर जैसे ही कलेक्टर आशीष तिवारी तहसील कार्यालय पहुंचे, ग्राम भनपुरा निवासी शांति बाई (82) अपनी फरियाद लेकर उनके सामने आ खड़ी हुईं। वृद्धा के बात करने का ठेठ ग्रामीण और देशी अंदाज देख वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें टोकने और रोकने की कोशिश की। लेकिन कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें तुरंत रोका और कहा— अम्मा को बोलने दो, वो अपनी बात कह रही हैं।
जमीन पर कब्जे की थी शिकायत
कलेक्टर के इस अपनत्व भरे व्यवहार के बाद वृद्धा ने बेहिचक अपनी पूरी व्यथा सुनाई। शांति बाई ने बताया कि कुछ दबंगों ने न केवल उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है, बल्कि खेत में लगी धान की फसल को भी ट्रैक्टर चलाकर बर्बाद कर दिया है। बुजुर्ग महिला की आंखों में अपनी मेहनत की फसल उजड़ने का दर्द साफ झलक रहा था।
मौके पर ही न्याय का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद बड़वारा टीआई के.के. पटेल और नायब तहसीलदार ऋषि गौतम को कड़े निर्देश दिए कि तत्काल मौके पर जाकर जांच की जाए। वृद्धा को उनकी जमीन का कब्जा वापस दिलाया जाए। फसल खराब करने वाले दोषियों पर उचित कानूनी कार्यवाही हो। कलेक्टर का यह सहज और सरल अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि जब अधिकारी जनता की बात को दिल से सुनने लगें।तो न्याय की उम्मीद और भी बढ़ जाती है।








