सायना इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने “सोशल मीडिया समाज के लिए हानिकारक ?’ पर तर्क वितर्क से लोगों का जीता दिल
सायना इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने "सोशल मीडिया समाज के लिए हानिकारक ?' पर तर्क वितर्क से लोगों का जीता दिल

कटनी। सायना इंटरनेशनल स्कूल में कनिष्ठ वर्ग के विषय ‘सोशल मीडिया समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है ‘ के पक्ष और विपक्ष में तर्क देकर बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि सोशल मीडिया समाज व जीवन के लिए अब आवश्यक है ।

दूसरी ओर वरिष्ठ वर्ग की वाद-विवाद प्रतियोगिता के विषय ’देश को खुशहाल रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण औद्योगिक विकास से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है’ के पक्ष में छात्रों ने तर्कपूर्ण विचार रखते हुए समर्थन किया तो विपक्ष में सहभागिता कर रहे बच्चों ने पर्यावरण का संरक्षण करने की बात की ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सायना के प्राचार्य डॉ0 आदित्य कुमार शर्मा, हेडमास्टर कमल सरेचा एवं निर्णायकों के आगमन से हुआ, जिनका स्वागत हेडमास्टर डॉ. लोकेश दुबे ने किया । स्वागतोपरान्त प्राचार्य सहित निर्णायको ने महादेवी वर्मा जी के छाया चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया तत्पश्चात प्रथमचक्र के सभापति शिवांशु साहू एवं उपसभापति ज्योति मिश्रा ने वाद-विवाद की नियमावली को समझाकर प्रतियोगिता का श्रीगणेश करने की अनुमति दी। तदोपरान्त द्वितीय चरण में सभापति आराध्य द्विवेदी एवं उपसभापति श्रद्धा चौधरी ने गरिमामयी पद की भूमिका को बखूबी निभाया। निर्णायकों की भूमिका चारों सदन के सदन प्रभारी रूपाली जायसवाल, अभिनव खरे , राज शुक्ला एवं चंद्रशेखर पांडेय ने निभाते हुए बच्चों को परिश्रम की महत्त्व को समझाकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कनिष्ठ वर्ग से चेतना जैन एवं शुभ्रा गर्ग ने सर्वश्रेष्ठ वक्ता के रूप में उभरकर एमरेल्ड सदन को प्रथम श्रेणी पर पहुँचाया ।
दूसरी ओर वरिष्ठ वर्ग में टोपाज सदन से संस्कार त्रिपाठी ने बेस्ट वक्ता के रूप में उभरकर सबको रोमांचित कर दिया । वरिष्ठ वर्ग से अंजली शर्मा ने बेस्ट वक्ता के रूप में सबको अति प्रभावित किया । कनिष्ठ वर्ग से रूबी सदन से आरना पाठक एवं सैफ अली खान ने अपने ओजस्वी विचार से रूबी सदन को गौरवांवित किया ।
अंत में सायना स्कूल के प्राचार्य डॉ0 आदित्य कुमार शर्मा ने अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा कि इस वाद-विवाद प्रतियोगिता से हमें यह सीखना चाहिए कि हम अपनी बात को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ कैसे रखें। हम हर विषय से कुछ न कुछ अवश्य सीखते हैं अतः दिए गए विषय पर तथ्यात्मक बिंदु प्रस्तुत करना चाहिए। अंत में हिंदी विभागाध्यक्ष दिलीप कुमार झा ने धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया ।








