चाणक्य नीति: इन 3 चीज़ों को तुरंत छोड़ दें, वरना जिंदगी भर पछताएंगे; तबाही से बचाएगा चाणक्य का यह एक श्लोक

चाणक्य नीति: इन 3 चीजों का तुरंत कर दें त्याग, वरना जीवन भर उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

चाणक्य नीति: इन 3 चीज़ों को तुरंत छोड़ दें, वरना जिंदगी भर पछताएंगे; तबाही से बचाएगा चाणक्य का यह एक श्लोक

नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘नीति शास्त्र’ में जीवन के हर पहलू को गहराई से छुआ है। राजनीति, अर्थशास्त्र और सामाजिक संबंधों के साथ-साथ चाणक्य ने यह भी स्पष्ट किया है कि मनुष्य को जीवन में शांति और सफलता पाने के लिए किन चीज़ों का समय रहते त्याग कर देना चाहिए। चाणक्य नीति के चौथे अध्याय के 16वें श्लोक में ऐसे ही 4 धर्म, रिश्तों और गुरु को त्यागने की सलाह दी गई है।चाणक्य नीति: इन 4 चीजों का तुरंत कर दें त्याग, वरना जीवन भर उठाना पड़ेगा भारी नुकसान

चाणक्य नीति का मूल श्लोक

त्यजेद्धर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत्।

त्यजेत्क्रोधमुखी भार्या नि:स्नेहान्बान्धवांस्यजेत्।

इन 3चीज़ों को त्यागने में ही है भलाई

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