इलेक्ट्रिक कार में बार-बार खराबी पर तेलंगाना कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला: डीलर को लौटाने होंगे ₹24 लाख, ₹65 हजार का अतिरिक्त मुआवजा भी मंजूर
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इलेक्ट्रिक कार में बार-बार खराबी पर तेलंगाना कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला: डीलर को लौटाने होंगे ₹24 लाख, ₹65 हजार का अतिरिक्त मुआवजा भी मंजूर
हैदराबाद/तेलंगाना। देश में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बाजार के बीच उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। तेलंगाना राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने Tata Harrier EV में बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों से परेशान एक ग्राहक के हक में निर्णय सुनाया है। आयोग ने डीलर को वाहन की कीमत में से 10% डेप्रिसिएशन काटकर लगभग ₹24 लाख रिफंड करने और ₹65,000 अतिरिक्त हर्जाना देने का कड़ा आदेश दिया है।
क्या था पूरा मामला और कार में आ रही समस्याएं?
खरीद और लोन: ग्राहक ने अगस्त 2025 में लोन लेकर ₹26 लाख से अधिक कीमत की नई Harrier EV खरीदी थी।
तकनीकी खराबियां: डिलीवरी के कुछ ही हफ्तों बाद कार की स्मार्ट-की (Smart-Key) और सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम में गंभीर दिक्कतें आने लगीं।
सड़क पर फंसा ग्राहक: लॉकिंग सिस्टम काम न करने और स्मार्ट-की की रेंज फेल होने के कारण ग्राहक को कई बार बीच सड़क पर कार टो (Tow) करानी पड़ी। एक बार कार सड़क के बीच में ही चलना बंद हो गई थी।
लगातार शिकायतों का सबूत: बार-बार सर्विस सेंटर जाने के बाद भी खराबी ठीक नहीं हुई। दिसंबर 2025 के जॉब कार्ड, ईमेल और चैट रिकॉर्ड्स आयोग में अहम सबूत बने।
कंज्यूमर कोर्ट ने खारिज की डीलर की दलीलें
डीलर ने कोर्ट में पक्ष रखा कि निर्माण दोष (Manufacturing Defect) के लिए कंपनी (निर्माता) जिम्मेदार होती है और ग्राहक ने किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट से इसे साबित नहीं किया है।
आयोग ने डीलर के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा:
जॉब कार्ड्स पर दर्ज बार-बार एक ही खराबी यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि समस्या स्थायी रूप से ठीक नहीं हुई थी।
इसके लिए अलग से एक्सपर्ट रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है।
डीलर यह साबित करने वाला कोई अनुबंध प्रस्तुत नहीं कर सका कि निर्माता और उसके बीच जिम्मेदारी का क्या बंटवारा था।
उपभोक्ता आयोग का अंतिम निर्णय व निर्देश
मद / विवरण
स्वीकृत राशि / निर्देश
कार रिफंड (10% डेप्रिसिएशन काटकर)
₹24,000,000 (लगभग ₹24 लाख)
मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा
₹50,000
मामले की कानूनी लागत (Litigation Cost)
₹15,000
कुल अतिरिक्त मुआवजा
₹65,000
भुगतान की समयावधि
45 दिन(देरी करने पर 9% सालाना ब्याज लगेगा)
(नोट: कार के रजिस्ट्रेशन रद्द कराने की प्रक्रिया में ग्राहक डीलर का सहयोग करेगा और गाड़ी वापस सौंपेगा। CGST, SGST व अन्य टैक्स का रिफंड आयोग द्वारा मंजूर नहीं किया गया है।)