इलेक्ट्रिक कार में बार-बार खराबी पर तेलंगाना कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला: डीलर को लौटाने होंगे ₹24 लाख, ₹65 हजार का अतिरिक्त मुआवजा भी मंजूर

इलेक्ट्रिक कार में बार-बार खराबी पर तेलंगाना कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला: डीलर को लौटाने होंगे ₹24 लाख, ₹65 हजार का अतिरिक्त मुआवजा भी मंजूर

हैदराबाद/तेलंगाना। देश में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बाजार के बीच उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। तेलंगाना राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने Tata Harrier EV में बार-बार आ रही तकनीकी खराबियों से परेशान एक ग्राहक के हक में निर्णय सुनाया है। आयोग ने डीलर को वाहन की कीमत में से 10% डेप्रिसिएशन काटकर लगभग ₹24 लाख रिफंड करने और ₹65,000 अतिरिक्त हर्जाना देने का कड़ा आदेश दिया है।

क्या था पूरा मामला और कार में आ रही समस्याएं?

कंज्यूमर कोर्ट ने खारिज की डीलर की दलीलें

डीलर ने कोर्ट में पक्ष रखा कि निर्माण दोष (Manufacturing Defect) के लिए कंपनी (निर्माता) जिम्मेदार होती है और ग्राहक ने किसी एक्सपर्ट रिपोर्ट से इसे साबित नहीं किया है।

आयोग ने डीलर के इस तर्क को खारिज करते हुए कहा:

  1. जॉब कार्ड्स पर दर्ज बार-बार एक ही खराबी यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि समस्या स्थायी रूप से ठीक नहीं हुई थी।

  2. इसके लिए अलग से एक्सपर्ट रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है।

  3. डीलर यह साबित करने वाला कोई अनुबंध प्रस्तुत नहीं कर सका कि निर्माता और उसके बीच जिम्मेदारी का क्या बंटवारा था।

उपभोक्ता आयोग का अंतिम निर्णय व निर्देश

मद / विवरण स्वीकृत राशि / निर्देश
कार रिफंड (10% डेप्रिसिएशन काटकर) ₹24,000,000 (लगभग ₹24 लाख)
मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा ₹50,000
मामले की कानूनी लागत (Litigation Cost) ₹15,000
कुल अतिरिक्त मुआवजा ₹65,000
भुगतान की समयावधि 45 दिन (देरी करने पर 9% सालाना ब्याज लगेगा)

(नोट: कार के रजिस्ट्रेशन रद्द कराने की प्रक्रिया में ग्राहक डीलर का सहयोग करेगा और गाड़ी वापस सौंपेगा। CGST, SGST व अन्य टैक्स का रिफंड आयोग द्वारा मंजूर नहीं किया गया है।)

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