
दंतेवाड़ा। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भीमा मंडावी कुआकोण्डा ब्लॉक के श्यामगिरी गांव में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद वापस नकुलनार लौट रहे थे, तभी सड़क पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए लैंडमाइन्स (आइडी) के ऊपर से उनका बुलेट प्रूफ वाहन गुजरा और विस्फोट हो गया।

विस्फोट में वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। इस हमले में विधायक भीमा मंडावी की मौके पर ही मौत हो गई।

वाहन में विधायक की सुरक्षा में तैनात चार जवान भी सवार थे, जो इस घटना में शहीद हो गए। श्यामगिरी में आज वार्षिक मड़ई मेले का भी आयोजन किया गया था। इसी मेले के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करने वे जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में गए थे। बता दें कि पांच साल पहले ठीक इसी जगह पर नक्सलियों ने हमला किया था, जिसमें एक जवान शहीद हुआ था।
कौन थे भीमा मांडवी
भीमा मंडावी विधानसभा में भाजपा विधायक दल के उपनेता हैं। मंडावी दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। दंतेवाड़ा जिले के गदापाल निवासी मंडावी 2008 में विधायक चुने गए थे। 2013 का विधानसभा चुनाव वे देवती कर्मा से हार गए थे, लेकिन 2018 में पार्टी ने फिर से उन्हें टिकट दिया।

इस बार उन्होंने देवती कर्मा को 2071 वोटों से मात दी थी। भीमा को कुल 37 हजार 744 वोट मिले थे, जबकि देवती को 35 हजार 673 वोट। 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल करने वाले भीमा पेशे से किसान थे। भीमा के परिवार में माता- पिता और पत्नी ओजस्वी मंडावी के अलावा एक पुत्र खिलेंद्र मंडावी है।
भीमा मंडावी साल 2008 में दंतेवाड़ा सीट से पहली बार विधायक बने थे। साल 2013 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा के हाथों हार हुई थी। साल 2018 में वे वापस चुनाव जीतकर आए और बस्तर संभाग से भाजपा के इकलौते विधायक थे। विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भी और भाजपा के आदिवासी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी थे।








