Canara Bank & BoB Loan Costly: केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने बढ़ाई ब्याज दरें; आज से होम लोन और EMI होगी महंगी

बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक से लोन लेना हुआ महंगा; MCLR में की बढ़ोतरी, जानें आपकी EMI पर क्या पड़ेगा असर

Canara Bank & BoB Loan Costly: केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने बढ़ाई ब्याज दरें; आज से होम लोन और EMI होगी महंगी

मुंबई: अगर आप बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) या केनरा बैंक (Canara Bank) के मौजूदा ग्राहक हैं और आपका लोन चल रहा है, या फिर आप इन सरकारी बैंकों से नया कर्ज लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन दोनों बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपनी MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

बैंकों द्वारा बढ़ाई गई नई दरें आज, 12 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस कदम से MCLR से जुड़े सभी तरह के लोन (जैसे होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन) की ब्याज दरें बढ़ जाएंगी, जिसका सीधा असर ग्राहकों की EMI (समान मासिक किस्त) पर पड़ेगा।

रेपो रेट स्थिर, फिर भी बैंकों ने बढ़ाई दरें

दिलचस्प बात यह है कि बैंकों ने यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखा था। 5 अगस्त, 2026 को संपन्न हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा गया था। रेपो रेट स्थिर रहने के बावजूद बैंकों द्वारा MCLR बढ़ाना फंड्स की लागत में वृद्धि का संकेत देता है।

 केनरा बैंक (Canara Bank): 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी

केनरा बैंक ने विभिन्न अवधि (Tenure) के MCLR में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) की बढ़ोतरी की है। बैंक की नई दरें अब 7.95% से लेकर 9.10% के बीच होंगी:

 बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): 10 बेसिस पॉइंट तक का इजाफा

बैंक ऑफ बड़ौदा ने चुनिंदा अवधि के लिए MCLR में 10 बेसिस पॉइंट (0.10%) तक की बढ़ोतरी की है। हालाँकि, बैंक ने लंबी अवधि की दरों को स्थिर रखा है। BoB की नई दरें 7.85% से 8.75% के बीच हैं:

ग्राहकों पर क्या और कैसे पड़ेगा असर?

MCLR क्या है?

यह वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसके नीचे बैंक आम तौर पर किसी लोन पर ब्याज नहीं ले सकते। RBI ने इस व्यवस्था को 2016 में लागू किया था।

असर की प्रक्रिया:

  1. बढ़ी हुई लागत: MCLR बढ़ने से बैंक के लिए फंड्स की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर ग्राहकों पर पड़ता है।

  2. ब्याज दर रीसेट: अगर आपका मौजूदा लोन MCLR से जुड़ा है, तो आपकी ब्याज दर तुरंत नहीं बढ़ेगी। यह आपकी अगली ब्याज रीसेट तारीख (Interest Reset Date) पर लागू होगी।

  3. EMI vs अवधि: ब्याज दर रीसेट होने पर आपकी EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि (Tenure) बढ़ सकती है।

  4. चिंता का विषय: यह बढ़ोतरी उन ग्राहकों के लिए चिंताजनक है जिनके होम लोन या पर्सनल लोन सीधे इस बेंचमार्क से जुड़े हैं।

एक नज़र में: नई बनाम पुरानी प्रमुख MCLR दरें

बैंक अवधि (Tenure) पुरानी दर (MCLR) नई दर (MCLR) बढ़ोतरी (bps)
केनरा बैंक एक साल 8.75% 8.80% 5 bps (0.05%)
बैंक ऑफ बड़ौदा तीन महीने 8.20% 8.30%
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