Thursday, May 28, 2026
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CAA: सड़क खाली करने को तैयार नहीं लोग, स्थानीय लोगों ने दी सारे रास्ते बंद करने की चेतावनी

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में कालिंदी कुंज-नोएडा मेन रोड का घेराव करके बैठे लोगों को 32 दिन हो गए हैं। सत्याग्रह पर बैठी महिलाओं का कहना है कि सीएए कानून वापस लेने तक वे यहां से हिलेंगी भी नहीं। किसी ने जोर-जबरदस्ती उठाने की जुर्रत भी की तो यहीं जान दे देंगी।

 

उधर, सरिता विहार, जसोला विहार समेत आसपास की दर्जनभर कॉलोनियों के लोगों ने अशोक बिधूड़ी के नेतृत्व में साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर का घेराव किया और चेतावनी दी कि मंगलवार शाम तक सड़क नहीं खुली तो दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद के सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।इससे पहले रविवार को पुलिस ने दो दिन में सड़क खाली कराने का आश्वासन दिया था।

 

 

सोमवार को दिन में स्थानीय थाना प्रभारी ने शाहीन बाग में प्रदर्शनस्थल पर जाकर लोगों से कम से कम सड़क की एक साइड खोल देने की अपील की। लोगों ने उनकी अपील को सिरे से खारिज कर दिया। महिलाओं ने साफ कह दिया कि वे किसी सूरत में यह सड़क खुलने नहीं देंगी। उधर, सोमवार शाम इलाके के दर्जनों लोग साउथ-ईस्ट डीसीपी के दफ्तर पहुंचे और किसी भी सूरत में कल शाम तक कम से कम सड़क की एकसाइड खोलने की मांग रखी। उनका कहना था कि 10 फरवरी से उनके बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। बच्चों और खुद को हो रही परेशानी झेलते एक माह बीत चुका है। डीसीपी ने समस्या के समाधान के लिए स्थानीय नेताओं से बात करके हल निकालने का आश्वासन दिया।

 

 

सरकार का एक नुमाइंदा भी नहीं पहुंचा
स्थानीय महिला कनीज फातिमा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार का एक भी प्रतिनिधि यहां मिलने के लिए नहीं आया है। विपक्षी पार्टियों ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर समर्थन दिया है। 22 जनवरी को सीएए रद्द करने के लिए कोर्ट में दाखिल याचिका की सुनवाई है। उसका फैसला आने के बाद ही सत्याग्रह के विषय में नए सिरे से फैसला लिया जाएगा। उनके मुताबिक, सोमवार को ओखला, जामिया नगर के अलावा छत्तीसगढ, महाराष्ट्र से आई महिलाओं ने भी उन्हें समर्थन दिया। सोमवार को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के परपोते राजरंजन आंबेडकर भी पहुंचे। उधर, सीएए और एनआरसी के खिलाफ देशभर में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए शाहीन बाग फुटओवर ब्रिज के पास एक प्रतीकात्मक इंडिया गेट बनाया गया है। इस पर मारे गए लोगों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। शाहीन बाग में आंदोलनकारियों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा शिविर चलाया जा रहा है।

स्थानीय थाना प्रभारी करते रहे मिन्नत
इस समय शाहीन बाग में सड़क खाली कराने के लिए पुलिस पर किस कदर दबाव है, इसे इसी से समझा जा सकता है कि सोमवार को स्थानीय थाना प्रभारी प्रदर्शन स्थल पर जाकर लोगों से मिन्नत करते रहे। उन्होंने कहा कि इधर आप चौबीस घंटे सड़क पर हो, उधर हम भी सड़क पर ही बैठे हुए हैं। कम से कम एक तरफ की सड़क खुल जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को हो रही परेशानी दूर हो जाएगी। उनकी बात किसी ने नहीं सुनी।

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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