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क्यूआर कोड से होगी ऑटो चालकों की पहचान, स्कैन करके यात्री दे सकेंगे फीड बैक, यातायात पुलिस की विशेष पहल

कटनी(YASHBHARAT.COM)। शहर की लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने और आम नागरिकों को राहत दिलाने के लिए पुलिस ने ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त लेकिन व्यवस्थित पहल शुरू की है। यात्रियों से अभद्रता, मनमाना किराया वसूली और यातायात नियमों के खुले उल्लंघन की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। इसी क्रम में आज एक विशेष जागरूकता एवं सत्यापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें ऑटो में चालकों का डाटा बेस स्टीकर लगाया गया और सभी चालकों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया ने मीडिया को बताया कि शहर में पंजीकृत लगभग 7500 ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों के चालकों का चरणबद्ध तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक वाहन पर एक विशेष स्टीकर लगाया जा रहा है। जिसमें चालक का नाम, मोबाइल नंबर, वाहन का पंजीयन नंबर और पुलिस संपर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। इससे यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा और किसी भी तरह की शिकायत की स्थिति में चालक तक तुरंत पहुंचा जा सकेगा। एएसपी ने कहा कि यह पहल केवल दंडात्मक नहीं है बल्कि सुधार और प्रोत्साहन पर आधारित है, जो ऑटो चालक नियमित रूप से यातायात नियमों का पालन करेंगे। यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे और सुरक्षित ड्राइविंग करेंगे। उन्हें प्रेरणा स्वरूप सम्मानित भी किया जाएगा। इससे अन्य चालकों को भी नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इस दौरान यातायात थाना प्रभारी राहुल पांडे सहित यातायात थाने में पदस्थ पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

यूनिफार्म और नाम प्लेट अनिवार्य

एएसपी ने कहा कि अब ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए यूनिफॉर्म पहनना और नाम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ चालकों की पहचान आसान होगी बल्कि उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन, नशे की हालत में वाहन चलाना, यात्रियों से दुव्र्यवहार या तय से अधिक किराया वसूलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी

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