भोपाल। इन दिनों एमपी कांग्रेस में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव का दावेदारी से पीछे हटना और अब मध्य प्रदेश उपचुनाव को लेकर जारी स्टार प्रचारकों की लिस्ट से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का बाहर होना चर्चा का विषय बन गया है।
उनकी जगह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को जगह दी गई है। इस पर एमपी बीजेपी ने तंज कसा है।
दरअसल, 8 अक्टूबर को एमपी कांग्रेस ने 30 अक्टूबर को होने वाले मप्र उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें 18 नंबर पर एनपी प्रजापति का नाम था, लेकिन 9 अक्टूबर को कांग्रेस ने फिर नई लिस्ट जारी की और एनपी प्रजापति की जगह राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा को स्टार प्रचारक बना दिया।
वही खंडवा लोकसभा उपचुनाव लड़ने से इंकार करने वाले अरुण यादव को भी लिस्ट में छटे नंबर पर स्थान दिया गया है। 24 घंटे में लिस्ट में हुई इस बदलाव के बाद एमपी बीजेपी ने कांग्रेस पर तंज कसा है और दलित विरोधी बताया है।मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर ने ट्वीट कर लिखा है कि कांग्रेस की अदालत में दलित नेता धनाढ़्य वकील से केस हारा।
दलितों का ऐसे सम्मान करती है कांग्रेस । एनपी प्रजापति कोई मामूली आदमी नहीं, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हैं।इस ट्वीट को पाराशर ने एमपी कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी टैग किया है।
