
कटनी । मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कटनी जिले के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में कटनी को औद्योगिक, कृषि और पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की रूपरेखा स्पष्ट दिखी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप जिले को ‘चूना नगरी’ से आगे बढ़ाकर प्रदेश के प्रमुख खनिज प्रसंस्करण और कृषि हब के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया गया।
स्लीमनाबाद टनल: नर्मदा जल से सिंचित होगा अंचल
कटनी अंचल के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत स्लीमनाबाद जल सुरंग परियोजना को लेकर आई।
टनल की खुदाई का केवल 400 मीटर कार्य शेष।
लक्ष्य: अप्रैल 2026 तक पूर्णता।
लाभ: कटनी, रीवा और सतना की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को नर्मदा का पानी।
विशेषज्ञों के अनुसार इससे न सिर्फ फसल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि धान-गेहूं के साथ उद्यानिकी और दलहन उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।
‘कनकपुरी’ विजन: कटनी बनेगा माइनिंग-प्रोसेसिंग हब
कटनी के खनिज वैभव को ध्यान में रखते हुए माइनिंग क्लस्टर विकास के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
पूर्व माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की तैयारी।
औद्योगिक बुनियादी ढांचा—सड़क, बिजली, जल आपूर्ति—के लिए विशेष राशि स्वीकृत।
लक्ष्य: कटनी को देश का अग्रणी खनिज प्रसंस्करण केंद्र बनाना।
यह पहल रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में निर्णायक मानी जा रही है।
पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज:
कटनी में PPP मोड मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर बजट भाषण में फिर जोर दिया गया।
भूमि आवंटन एवं प्रारंभिक निर्माण कार्यों के लिए विशेष प्रावधान। मेडिकल कॉलेज के साथ संबद्ध अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद।
हालांकि इस मॉडल को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी जारी है, लेकिन सरकार ने प्रक्रिया को गति देने के संकेत दिए हैं।
नगर विकास: जाम से राहत, शहर का कायाकल्प
कटनी नगर निगम को ‘कायाकल्प अभियान’ के तहत बड़ी सौगात:
प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर नया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) प्रस्तावित।
ड्रेनेज सिस्टम के आधुनिकीकरण और शहर सौंदर्यीकरण के लिए अतिरिक्त फंड।
शहरी यातायात और जल निकासी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल।
विजयराघवगढ़–बड़वारा: पर्यटन और जनजातीय विकास
जिले के ऐतिहासिक और जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान:
विजयराघवगढ़ किला के संरक्षण एवं पर्यटन विकास के लिए बजटीय प्रावधान।
बड़वारा एवं आदिवासी अंचलों में आधारभूत ढांचे और रोजगारोन्मुख योजनाओं को बढ़ावा।
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और पर्यटन आधारित आय के अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष: कटनी के लिए संतुलित विकास की रूपरेखा
मप्र बजट 2026 में कटनी को कृषि सिंचाई, खनिज उद्योग, स्वास्थ्य, नगर विकास और पर्यटन—सभी मोर्चों पर संतुलित प्राथमिकता मिली है। यदि घोषणाएं समयबद्ध क्रियान्वयन तक पहुंचीं, तो आने वाले वर्षों में कटनी जिला प्रदेश के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है।








